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पटना में TRE-4 अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन: CM हाउस घेराव की कोशिश, पुलिस अलर्ट पर
TRE-4 candidates protest: बिहार की राजधानी पटना की सड़कें एक बार फिर शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के अभ्यर्थियों के गुस्से से गूंज रही हैं। पटना कॉलेज से निकले हजारों अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास (CM हाउस) घेराव के लिए मार्च कर रहे हैं। यह प्रदर्शन बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर है, जिसमें अभ्यर्थी अधिक पदों की नियुक्ति और समयबद्ध परीक्षा की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता दिलीप कुमार कर रहे हैं, जिन्होंने अभ्यर्थियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बीच, पुलिस ने जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग कर दी है, तथा पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह आंदोलन शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के हालिया बयान से उपजा है, जिसमें उन्होंने परीक्षा की तिथियों का ऐलान तो किया, लेकिन अभ्यर्थियों की मुख्य मांगों को अनदेखा कर दिया।
[caption id="attachment_106010" align="alignnone" width="696"] पटना में TRE-4 अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन[/caption]
CM हाउस घेराव की कोशिश[/caption]
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार[/caption]
CM हाउस तक का घेराव
सुबह करीब 10 बजे पटना कॉलेज के कैंपस से अभ्यर्थियों का जत्था निकला। अनुमानित रूप से 5,000 से अधिक अभ्यर्थी, ज्यादातर युवा लड़के-लड़कियां, नारों के साथ सड़कों पर उतर आए। उनके हाथों में बैनर, प्लेकार्ड और TRE-4 से जुड़े पोस्टर थे, जिन पर लिखा था "पूर्ण सीटों पर भर्ती दो", "चुनाव से पहले परीक्षा कराओ" और "शिक्षा का अधिकार, भ्रष्टाचार का विरोध"। मार्च फ्रेजर रोड होते हुए डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ा, लेकिन पुलिस बैरिकेडिंग के कारण रुक गया। छात्र नेता ने कहा,हमारी मांगें जायज हैं। सरकार ने वादा किया था कि TRE-4 में 1.20 लाख पद होंगे, लेकिन केवल 26,000 पदों का ऐलान कर हमें धोखा दिया गया है। आज हम CM हाउस पहुंचकर नीतीश कुमार से मुलाकात की मांग करेंगे।यह मार्च पिछले हफ्ते के प्रदर्शनों का विस्तार है, जहां अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर अपनी निराशा जाहिर कर रहे थे। पटना कॉलेज को केंद्र बनाना इसलिए चुना गया क्योंकि यह अभ्यर्थियों का मुख्य संग्रह स्थल रहा है। मार्च के दौरान ट्रैफिक जाम हो गया, और स्थानीय दुकानें बंद कर दी गईं। सोशल मीडिया पर #TRE4Protest और #BiharTeacherMarch जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां अभ्यर्थी वीडियो शेयर कर रहे हैं। [caption id="attachment_106013" align="alignnone" width="688"]
TRE-4 candidates protest: पुलिस की बैरिकेडिंग
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पटना पुलिस ने तत्काल अलर्ट जारी कर दिया। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और CM हाउस के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। बैरिकेडिंग में IRBF (भारतीय रिजर्व बटालियन फोर्स) और स्थानीय पुलिस शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया किप्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज की तैयारी की गई है, लेकिन हिंसा नहीं चाहते। हम अभ्यर्थियों की मांगों का सम्मान करते हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।पिछले प्रदर्शनों के मद्देनजर, पुलिस ने ड्रोन से निगरानी भी शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्री के बयान से उपजी आग
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का 18 सितंबर 2025 का बयान इस आंदोलन का ट्रिगर बना। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने TRE-4 परीक्षा की तिथियों का ऐलान किया: परीक्षा 16 से 19 दिसंबर 2025 के बीच होगी, जबकि परिणाम 20 से 26 जनवरी 2026 तक जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होगी, तथा चौथे चरण में 26,000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। लेकिन मंत्री ने स्पष्ट किया कि TRE-5 की प्रक्रिया TRE-4 के बाद ही शुरू होगी, और वर्तमान वैकेंसी के हिसाब से ही आगे बढ़ेगी। यह बयान अभ्यर्थियों को चुभ गया, क्योंकि वे पूर्ण वैकेंसी (लगभग 1.20 लाख पद) की मांग कर रहे थे। मंत्री ने आगे कहा, "सरकार शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बजट और रोस्टर सिस्टम के अनुसार ही भर्ती संभव है।" इस बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया, और 19 सितंबर को सड़क प्रदर्शन का आह्वान किया गया। [caption id="attachment_106017" align="alignnone" width="660"]अभ्यर्थियों की मुख्य मांगे
अभ्यर्थियों की मांगे स्पष्ट और जायज हैं।- पहली, TRE-4 में 1.20 लाख पदों की भर्ती, जैसा कि पहले वादा किया गया था।
- दूसरी, परीक्षा बिहार विधानसभा चुनाव (अक्टूबर-नवंबर 2025) से पहले कराई जाए, ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप न हो।
- तीसरी, पिछले तीन चरणों (TRE-1,2,3) में लीक हुए पेपर और अनियमितताओं की जांच।
- चौथी, STET (सेकेंडरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) को TRE-4 से पहले आयोजित किया जाए।
हम बेरोजगार युवा हैं। तीन साल से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार केवल घोषणाएं कर रही है। ये मांगे पिछले महीनों से उठ रही हैं, लेकिन मंत्री के बयान ने इन्हें और तेज कर दिया।