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Tejas Mark-1A को मिला चौथा इंजन: HAL ने किया वादा नवंबर में डिलीवरी
तेजस की रफ्तार में जोश भरने आया अमेरिका से चौथा इंजन
जब ‘तेजस’ सिर्फ एक नाम नहीं, भारत का आत्मविश्वास बना
किसी भी देश की असली ताकत उसके आसमान की सुरक्षा में होती है। और भारत के लिए तेजस सिर्फ एक लड़ाकू विमान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की उड़ान है। अब इस उड़ान को और मजबूती मिली है, क्योंकि Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को Tejas Mark-1A के लिए अमेरिका से चौथा GE इंजन मिल चुका है। Read More:- टाटा की गाड़ियां ₹1.55 लाख तक सस्ती, GST दरों में बदलाव का असरइसका मतलब?
भारतीय वायुसेना को जल्द ही — नवंबर 2025 तक — 2 तेजस मार्क-1A जेट्स मिलने वाले हैं।मुख्य जानकारी: क्या है GE इंजन की अहमियत?
तेजस मार्क-1A, भारत में विकसित हल्का लड़ाकू विमान (LCA) है, जिसे HAL ने बनाया है। इसका दिल यानी इंजन अमेरिका की General Electric कंपनी से आता है — F404-GE-IN20। अब तक HAL को 4 इंजन मिल चुके हैं, जिनमें से ताजा इंजन सितंबर के अंत में मिला। ये इंजन तेजस को आसमान में 1.6 मैक (यानी ध्वनि की गति से तेज) उड़ान भरने की ताकत देता है। Read More: जिंदगी में होना है सफल तो घर के वास्तु में करें छोटा सा बदलावक्या है पूरा डिलीवरी शेड्यूल?
- 2021: सरकार ने HAL को 83 Tejas Mark-1A के लिए ₹48,000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट दिया
- 2024: GE इंजन की देरी से प्रोडक्शन अटका
- 2025 (नवंबर): पहली 2 यूनिट वायुसेना को मिलने वाली हैं
- 2028 तक: सभी 83 यूनिट्स सौंपने का लक्ष्य
मार्क-1A: सिर्फ जेट नहीं, स्मार्ट योद्धा
तेजस मार्क-1A में ऐसे अपग्रेड्स हैं जो इसे दुनिया के सबसे एडवांस सिंगल इंजन फाइटर जेट्स में ला खड़ा करते हैं:- अस्ट्रा मिसाइल से लैस — दुश्मन पर 100+ KM दूर से हमला
- अपग्रेडेड AESA रडार — 270 डिग्री तक दुश्मन की पहचान
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट — मिसाइल को जाम और गुमराह करने की क्षमता
- 65% स्वदेशी उपकरण — आत्मनिर्भर भारत की असली उड़ान