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दिल्ली में हुई पुलिस-MCD टीम पर पत्थरबाजी,मस्जिद से सटे अतिक्रमण हटाने पहुंची थी टीम

Stone pelting on police-MCD team:  दिल्ली में रामलीला मैदान के पास मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से 6 जनवरी की देर रात करीब 1 बजे अतिक्रमण हटाया गया.

बता दें की दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर MCD ने 17 बुलडोजर से यहां बने बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकानों को ढहाया.

[caption id="attachment_126894" align="alignnone" width="300"] दुकानों को ढहाया[/caption]

तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद के पास जब इस कार्रवाई की जा रही थी.. तब भीड़ ने कर्मचारियों और पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया.

बता दें की भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ कर कार्रवाई रोकने पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर उसे खदेड़ दिया.

इसी को लेकर सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने कहा कि, हालात कंट्रोल में हैं.

[caption id="attachment_126896" align="alignnone" width="300"] हालात कंट्रोल में[/caption]

और पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया है. और वीडियो के जरिए पत्थरबाजों की पहचान की जाएगी।

वहीं डीसीपी निधिन वलसन ने कहा कि MCD ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की, जो अभी भी जारी है. भीड़ की पत्थरबाजी में 4-5 अधिकारियों को मामूली चोटें आईं हैं.

Stone pelting on police-MCD team: जानिए क्या है पूरा मामला

[caption id="attachment_126897" align="alignnone" width="300"] फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन[/caption]

दरहसल.. फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली MCD के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

जिसमें मस्जिद के बाहर की 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध हैं. उन्हें हटाने की बात कही गई.

[caption id="attachment_126899" align="alignnone" width="300"] हटाने की बात कही गई[/caption]

एमसीडी का यह आदेश 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था.

डिवीजन बेंच के आदेश में तुर्कमान गेट के पास रामलीला ग्राउंड से करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने को कहा गया था.

[caption id="attachment_126898" align="alignnone" width="300"] फुट अतिक्रमण हटाने को कहा गया[/caption]

इस अतिक्रमण में सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और एक निजी क्लिनिक शामिल हैं.

Stone pelting on police-MCD team: आईए जानते है मस्जिद समिति का क्या कहना है

मस्जिद समिति का कहना है कि.. यह जमीन वक्फ संपत्ति है. वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है.

हमें अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति नहीं है.

जस्टिस अमित बंसल ने कहा था कि मामला सुनवाई के योग्य है. सभी पक्षों को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी.