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सावन 2025 का अंतिम सोमवार: बाबा विश्वनाथ और महाकाल का दिव्य श्रृंगार

 काशी में बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार:  शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन 2025 के चौथे और अंतिम सोमवार को देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। काशी नगरी में बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष झांकी श्रृंगार किया गया, जिसमें गर्भगृह से लेकर मंदिर परिसर तक बाबा को रुद्राक्ष की मनकों और लड़ियों से सजाया गया। दर्शन के लिए रविवार शाम से ही भक्त कतारबद्ध हो गए थे। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि सावन में हर सोमवार को विशेष श्रृंगार की परंपरा रही है —
  • पहला सोमवार: चाल प्रतिमा
  • दूसरा: गौरीशंकर
  • तीसरा: अर्धनारीश्वर
  • चौथा (आज): रुद्राक्ष श्रृंगार
  • 9 अगस्त पूर्णिमा: बाबा का वार्षिक झूला श्रृंगार होगा
आज सायंकालीन रुद्राक्ष श्रृंगार आरती में बाबा का दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं को कराया जाएगा।

 श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

काशी विश्वनाथ धाम में रेड कार्पेट बिछाकर पुष्प वर्षा से भक्तों का स्वागत किया जा रहा है। ? सुरक्षा व्यवस्था:
  • 8 ड्रोन निगरानी
  • 1 ‘टीथर्ड’ ड्रोन दीर्घकालीन उड़ान पर
  • 200+ CCTV कैमरे
  • 10 क्विक रिस्पॉन्स टीम
  • 1,500 से अधिक पुलिसकर्मी
  • जल पुलिस और NDRF की तैनाती
  • मंदिर मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू

उज्जैन में महाकाल का भस्म आरती और राजा स्वरूप श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी भक्तों की जबरदस्त भीड़ देखी गई। तड़के 2:30 बजे पट खुलते ही भस्म आरती शुरू हुई, जिसमें हजारों भक्त शामिल हुए। इसके बाद बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया।  भस्म आरती की विशेषता- यह दुनिया की एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग पर होती है, रजत मुकुट, विशेष वस्त्र, और आभूषणों से श्रृंगार किया गया. भगवान शिव के गणों और परिवार का पूजन हुआ. पंचामृत और हरि ॐ जल से अभिषेक दर्शन की व्यवस्था- दर्शन सुबह से लेकर रात 10:30 की शयन आरती तक जारी रहेंगे, दर्शन के लिए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी उज्जैन पहुंचे

श्रावण सोमवार का महत्त्व

सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है। मान्यता है कि जो भी भक्त सावन में शिव को जल, दुग्ध, बेलपत्र, और रुद्राक्ष अर्पित करता है, उसके कई जन्मों के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। आज का दिन आस्था, भक्ति और उल्लास से भर गया है। बाबा विश्वनाथ और महाकाल के दिव्य रूपों के दर्शन से श्रद्धालु अभिभूत हैं। मंदिरों में हर तरफ शिवभक्ति की गूंज और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं। Read More:- 15 अगस्त से पहले घर ले आएं ये चीजें, जन्माष्टमी पर मिलेगी धन और सुख की बरसात! Watch Now :-#bhopal ओला से पहुंचे विधायक प्रीतम लोधी हर-हर महादेव! ॐ नमः शिवाय ?️