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राहुल गांधी घुटनों तक पानी में उतरे: मखाने की खेती से लेकर वोट चोरी पर हमला!

जब एक नेता की चाल ने गांव की मिट्टी में भरोसा बोया

23 अगस्त 2025 की सुबह, कटिहार के सिमरिया गांव की हवा कुछ अलग थी। तालाब के किनारे मजदूर अपने रोज़मर्रा के काम में लगे थे, लेकिन आज कुछ खास होने वाला था। एक सादा सी सफेद शर्ट, पैंट घुटनों तक चढ़ी हुई, और तालाब में उतरता हुआ चेहरा राहुल गांधी। राजनीति में दृश्य अक्सर बनाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ दृश्य इतने असली होते हैं कि वे दिल छू जाते हैं। ऐसा ही था जब राहुल गांधी मखाना खेत में किसानों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सिर्फ तालाब में कदम नहीं रखे उन्होंने बिहार की ज़मीन, मेहनत और सपनों को छुआ।

 जब मखाने का स्वाद भी मुद्दा बन गया

राहुल गांधी ने न केवल मखाना किसानों से बात की, बल्कि मखाना के लावे का स्वाद भी लिया। वो दरभंगा से आए मजदूरों से मिले, उनके कामकाज को समझा और कहा,
जो लोग ज़मीन से जुड़े होते हैं, उन्हें ही असली भारत समझ में आता है।
तालाब में उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी उतरे। मजदूरों से हाथ मिलाते वक़्त न कैमरे की चिंता थी, न भाषण की बस आंखों में एक सीधी बात थी: आपकी मेहनत की कद्र होनी चाहिए।

 “वोट चोरी” पर खुलकर बोले राहुल

कटिहार में हुई सभा में राहुल गांधी ने सीधा हमला बोला वन मैन, वन वोट यही संविधान की आत्मा है। लेकिन मोदी सरकार और चुनाव आयोग मिलकर आपके वोट चुरा रहे हैं। जब बीच सभा में लाइट काट दी गई, तो राहुल बोलेलाइट से आवाज नहीं दबती। यहां एक भी वोट चोरी नहीं होने देंगे। इस दौरान उनके साथ तेजस्वी यादव भी थे, जिनके खिलाफ FIR दर्ज होने पर उन्होंने साफ कहा,FIR से कोई नहीं डरता। ये डराने की राजनीति है, लेकिन हम झुकेंगे नहीं।

भीड़ थी, लेकिन मन में उम्मीद की खामोशी भी

कटिहार के कुर्सेला चौक पर सुबह 8 बजे से लोग जमा थे। बारिश के बावजूद महिलाओं, युवाओं और बुज़ुर्गों ने राहुल को देखने की आस में खड़े रहना चुना। पर जब काफिला आगे निकल गया और राहुल रुके नहीं, तो कुछ नाराज़गी भी झलकी पुलिस वाले ही ज़्यादा थे, राहुल रुके ही नहीं...ये शिकायतें बताती हैं कि लोगों की उम्मीदें नेताओं से अब भी बची हुई हैं। वो उन्हें देखने नहीं, सुने जाने की चाह में आते हैं।

 चुनाव आयोग-भाजपा गठबंधन को तोड़ेंगे-कांग्रेस

कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, यह सिर्फ यात्रा नहीं, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। वहीं नेता शकील अहमद बोले, चाहे 1000 FIR हो जाएं, फर्क नहीं पड़ता। हमारी लड़ाई भाजपा के झूठे नैरेटिव से है। Read More :- ITR-फाइलिंग: 1 महीने से भी कम टाइम बचा है, फिर लगेगा जुर्माना Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त - क्या जिम्मेदार वही !