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राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज: 'देश को मध्यकाल में धकेलने की साजिश'
राहुल गांधी ने सरकार पर कसा तंज
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने से जुड़े तीन नए बिलों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। राहुल ने कहा कि सरकार देश को मध्यकाल में धकेलने की कोशिश कर रही है, जब राजा किसी को भी गिरफ्तार करवा सकते थे, जो उन्हें पसंद नहीं आता था।मध्यकाल का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए
राहुल गांधी ने आगे कहा, "यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे मध्यकाल में हुआ करता था, जब राजा अपना मन मुताबिक किसी को भी गिरफ्तार करवा सकते थे। आज वही स्थिति हो रही है, जहां देश के लोकतांत्रिक संस्थान कमजोर हो रहे हैं और विपक्षी नेताओं को डराने धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।" राहुल ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जिक्र करते हुए कहा कि, "भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति आखिर क्यों छुपे हैं? जो नेता राज्यसभा में जोर जोर से बोलते थे, आज वे चुप हो गए हैं। वे इस्तीफा देने के बाद गायब हो गए हैं। यह सोचने का विषय है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं।"सरकार के तीन बिलों पर तीखी आलोचना
राहुल गांधी के आलोचना के निशाने पर गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गए तीन बिल थे। इन बिलों का उद्देश्य उन नेताओं को पद से हटाना है, जो गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार होते हैं। 20 अगस्त को गृहमंत्री ने इन तीन बिलों को लोकसभा में पेश किया था, जिनमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने का प्रावधान है। इन बिलों के पीछे सरकार का कहना है कि इनकी मदद से लोकतंत्र और सुशासन को मजबूत किया जाएगा।तीन बिलों के प्रमुख प्रावधान
- 130वां संविधान संशोधन बिल 2025 इस बिल के तहत यदि कोई मंत्री गंभीर आरोपों में गिरफ्तार हो जाता है और 30 दिन के अंदर जमानत नहीं लेता, तो उसे पद से हटा दिया जाएगा।
- गवर्नमेंट ऑफ यूनियन टेरिटरीज (संशोधन) बिल 2025 यह बिल केंद्र शासित राज्यों के नेताओं को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने की प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत करेगा।
- जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 यह बिल जम्मू और कश्मीर के नेताओं के लिए है, जो गिरफ्तारी के बाद पद से हटाए जा सकते हैं।