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28 साल बाद खुलासा: मां-बेटे ने बेच दी भारतीय वायुसेना की रनवे! FIR दर्ज

punjab airforce runway land scam ferozepur fir 2025: देश की सुरक्षा से खिलवाड़:  हाईकोर्ट की निगरानी में जांच हुई

punjab airforce runway land scam ferozepur fir 2025: पंजाब के फिरोजपुर जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां-बेटे की जोड़ी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय वायुसेना की रनवे वाली ज़मीन बेच दी। यह जमीन ब्रिटिश शासन के दौरान 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के लिए खरीदी गई थी और तब से भारतीय वायुसेना के अधीन थी।

28 साल तक ये मामला दबा रहा, लेकिन अब FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हो रही है।

क्या है पूरा मामला?

  • जमीन गांव फत्तू वाला (फिरोजपुर) की है

  • 1945 में ब्रिटिश प्रशासन ने युद्ध जरूरतों के लिए इसे खरीदा था

  • आजादी के बाद यह जमीन भारतीय वायुसेना को ट्रांसफर हो गई

  • मां ऊषा अंसल और बेटा नवीन चंद अंसल ने फर्जी दस्तावेज बनाकर यह ज़मीन निजी लोगों को बेच दी

  • यह डील 1997 में की गई, लेकिन कब्जा 2001 में सौंपा गया

 किसने किया खुलासा?

  • पूर्व कानूनगो निशान सिंह ने मामले की शिकायत दर्ज करवाई

  • शिकायत के बाद विजिलेंस ब्यूरो की इंस्पेक्टर जगनदीप कौर को जांच सौंपी गई

  • 28 जून 2025 को FIR नंबर 91 दर्ज हुई

हाईकोर्ट की निगरानी में जांच

  • हाईकोर्ट ने जांच के आदेश दिए थे

  • 20 जून 2025 को विजिलेंस ब्यूरो ने रिपोर्ट दाखिल की

  • जमीन अब भी भारतीय सेना के रिकॉर्ड में मौजूद पाई गई

  • मई 2025 में कुछ हिस्सा रक्षा मंत्रालय को वापस सौंपा गया

 देरी क्यों हुई?

  • हलवारा एयरफोर्स स्टेशन ने 2021 में शिकायत की थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई

  • हाईकोर्ट ने 21 दिसंबर 2023 को 6 महीने में जांच पूरी करने का आदेश दिया

  • रिपोर्ट में कई तथ्य छिपाने का आरोप लगा

  • फर्जीवाड़ा करने वाले राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत भी उजागर हुई

क्या बोले शिकायतकर्ता?

"1937 से पहले इस जमीन का मालिक दिल्ली चला गया था। अधिकारियों ने फर्जी रकबा तैयार किया और 1997 में बेच दिया। तब से पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार सब इस मामले को दबाते रहे।"

निशान सिंह, पूर्व कानूनगो

 राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा

यह जमीन भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण थी।

  • जमीन का अनधिकृत हस्तांतरण राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है

  • यह भारत में जमीन घोटालों और सिस्टम की कमजोरियों का एक चिंताजनक उदाहरण है

 आगे क्या?

  • FIR के बाद अब पूरे भूमि घोटाले की विस्तृत जांच शुरू होगी

  • राजस्व विभाग के अधिकारी, जो इस साजिश में शामिल थे, उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई हो सकती है

  • वायुसेना की बाकी जमीनों की भी रिव्यू प्रक्रिया शुरू हो सकती है

28 साल तक छिपा यह घोटाला बताता है कि भारत में रक्षा से जुड़ी संपत्तियां भी लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकार हो सकती हैं
अब सवाल यह है कि —

क्या ऐसे मामलों में शामिल अधिकारियों को सजा मिलेगी?
क्या बाकी रक्षा संपत्तियों की सुरक्षा की समीक्षा होगी?

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