PM Modi meets blast victims: दिल्ली के लाल किला धमाके के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को घायलों से मिलने LNJP अस्पताल पहुंचे। दोपहर करीब 2 बजे भूटान दौरे से लौटने के बाद पीएम मोदी सीधे अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ितों से बातचीत की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि कुछ समझ नहीं आया, बस धुआं और चीख-पुकार मच गई। प्रधानमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
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पीएम मोदी ने घायलों से की मुलाकात[/caption]
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। मरीजों से धमाके के वक्त की स्थिति जानी।[/caption]
200 बम से देश में दहशत फैलाने की थी तैयारी
दिल्ली ब्लास्ट मामले में अब जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले खुलासे मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों की 200 बम (IEDs) से 26/11 जैसे हमले की साजिश थी। इनका लक्ष्य दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहर थे। दिल्ली के प्रमुख स्थल — लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर — को टारगेट बनाया गया था। इसके अलावा, देशभर के रेलवे स्टेशन और बड़े मॉल भी निशाने पर थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मॉड्यूल का मकसद देश के धार्मिक स्थलों पर हमला कर सांप्रदायिक तनाव फैलाना था।
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दहशत फैलाने की थी तैयारी[/caption]
डॉक्टरों की आड़ में चल रहा था आतंकी नेटवर्क
आतंकी संगठन ने इस बार मेडिकल प्रोफेशन की आड़ में नेटवर्क खड़ा किया था ताकि संदिग्ध गतिविधियां आसानी से छिपाई जा सकें। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साजिश में शामिल लोग कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और अनंतनाग के रहने वाले डॉक्टर थे। ये डॉक्टर बिना किसी रोक-टोक के देश के अलग-अलग हिस्सों में घूम सकते थे, जिससे उन्हें आतंक फैलाने में आसानी होती।
जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ है। आतंकी पिछले कई महीनों से 200 बम (IEDs) तैयार करने में जुटे थे। इन विस्फोटकों को दिल्ली और आसपास के शहरों में छोटे-छोटे हिस्सों में भेजा जाना था ताकि पकड़े जाने का खतरा कम हो।
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PM Modi meets blast victims: फरीदाबाद, पुलवामा से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस आतंकी नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हैं — हरियाणा के फरीदाबाद, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में इसके ठिकाने मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मॉड्यूल 4 अक्टूबर से एक्टिव हुआ था, जब सहारनपुर में डॉ. आदिल की शादी डॉ. रुकैया से हुई थी। इस शादी में कुछ "खास मेहमान" शामिल हुए थे, जिनकी पहचान एजेंसियां कर रही हैं।
शादी के अगले ही दिन इस मॉड्यूल ने अपनी गतिविधियां शुरू कर दीं। इसका काम था – फौजियों को धमकाने वाले पोस्टर लगाना, हथियारों की सप्लाई करना और फंडिंग का इंतजाम करना।
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सहारनपुर में डॉ. आदिल की शादी डॉ. रुकैया से हुई थी।[/caption]
फंडिंग और लॉजिस्टिक चैनल
जांच में सामने आया है कि डॉ. आदिल इस नेटवर्क का लॉजिस्टिक और फाइनेंशियल चैनल संभालता था। वह मेडिकल सप्लाई और रिसर्च प्रोजेक्ट के बहाने धनराशि और विस्फोटक सामग्री की आवाजाही कराता था। आतंकी संगठन ने यह प्लान बनाया था कि मेडिकल प्रोफेशन के नाम पर फंडिंग और ट्रांसपोर्टेशन चैनल तैयार किया जाए, ताकि किसी को शक न हो।
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PM Modi meets blast victims: जांच में तेजी
वर्तमान में इस पूरे नेटवर्क की जांच NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, और इंटेलिजेंस ब्यूरो संयुक्त रूप से कर रहे हैं। जांच एजेंसियों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि यह आतंकी मॉड्यूल पिछले एक साल से एक्टिव था और धीरे-धीरे देश के बड़े शहरों में अपने नेटवर्क फैला रहा था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जांच एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और कहा है कि “देश के खिलाफ कोई भी साजिश रची जाएगी तो उसे नाकाम किया जाएगा।”