पीएम नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशो

काशी विश्वनाथ मंदिर में पीएम मोदी की विशेष पूजा: षोडशोपचार पद्धति से अनुष्ठान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में वेदमंत्रों की गूंज और डमरू वादन के बीच पीएम मोदी ने विधिवत रूप से पूजा में हिस्सा लिया।

पीएम मोदी ने 14 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद वे यहां से हरदोई के लिए रवाना होंगे, जहां गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना का उद्घाटन प्रस्तावित है। यह दौरा धार्मिक आस्था और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना

काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश करते ही प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर सभी पुजारियों का अभिवादन किया। गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग के समक्ष बैठकर पूजा की।पूजन के दौरान मंदिर के विशेष पुजारियों ने उनके हाथ धुलवाए और संकल्प मंत्र के साथ अनुष्ठान शुरू कराया। इसके बाद वैदिक विधि से पूजा संपन्न कराई गई।

षोडशोपचार पद्धति से हुआ पूजन अनुष्ठान

पीएम मोदी ने षोडशोपचार पद्धति के तहत पूजा-अर्चना की, जिसमें 16 विधियों के माध्यम से भगवान शिव की आराधना की जाती है।इस दौरान उनके मस्तक पर चंदन लेपन किया गया और मंत्रोच्चार के बीच प्रत्येक विधि का पालन किया गया। यह पूजा पद्धति शास्त्रीय हिंदू परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसे विशेष अवसरों पर किया जाता है।

14 KM रोड शो में दिखा काशी का भव्य स्वागत

मंदिर पहुंचने से पहले पीएम मोदी ने बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से 14 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस दौरान जगह-जगह ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया गया।मंडुआडीह, लहुराबीर, मैदागिन, चौक और काशी विश्वनाथ गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने “हर-हर महादेव” के जयकारों से माहौल को धार्मिक और राजनीतिक रूप से उत्साहित बना दिया।

गंगा एक्सप्रेस-वे का करेंगे उद्घाटन

पूजा-अर्चना के बाद प्रधानमंत्री मोदी हरदोई के मल्लावां जाएंगे, जहां वे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है।यह परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क और आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मानी जा रही है, जिससे पश्चिम और पूर्वी यूपी के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।