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वंदे मातरम् पर चर्चा, मोदी ने नेहरू और जिन्ना पर लगाए आरोप, बोले - वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों?

Modi Nehru Jinnah Vande Mataram: वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लोकसभा में चर्चा की। पीएम मोदी ने चर्चा की शुरूआत की। इस दौरान PM ने कांग्रेस और पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू पर जमकर निशाना साधा। मोदी ने कांग्रेस और पूर्व PM पर राष्ट्रीय गीत के प्रति मुहम्मद अली जिन्ना के विरोध को दोहराने और सांप्रदायिक चिंताओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

नेहरू पर आरोप

PM ने एक घंटे की स्पीच में कहा 'वंदे मातरम् अंग्रेजों को करारा जवाब था, ये नारा आज भी हमें प्रेरणा दे रहा है। आजादी के समय महात्मा गांधी को भी यह पसंद था। उन्हें वंदे मातरम गीत नेशनल एंथम के रूप में दिखता था। उनके लिए इस गीत की ताकत बड़ी थी। फिर पिछले दशकों में इस गीत के साथ इतना अन्याय क्यों हुआ। वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों हुआ। वो कौन सी ताकत थी, जिसकी इच्छा बापू की भावनाओं पर भी भारी पड़ी। [caption id="attachment_120978" align="alignnone" width="635"] मोदी ने नेहरू और जिन्ना पर लगाए आरोप[/caption]

मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का किया विरोध

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया था। जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया था। मुस्लिम लीग की बेबुनियाद बातों का कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने के बावजूद, जवाहर लाल नेहरू ने वंदे मातरम की जांच शुरू कर दी।

नेहरू की नेताजी सुभाष चंद्र बोस को चिठ्ठी

PM ने आगे कहा कि नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने जिन्ना की भावना से सहमति जताई और लिखा, 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है।' इसके बाद, कांग्रेस ने कहा कि 26 अक्टूबर से बंगाल में वंदे मातरम के इस्तेमाल की जांच होगी। और दुर्भाग्य से, 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम पर समझौता कर लिया। Read More: Vande Mataram को 150 साल पूरे, लोकसभा में चर्चा

Modi Nehru Jinnah Vande Mataram: आपातकाल का जिक्र

चर्चा के दौरान सदन में पीएम मोदी ने आपातकाल का भी जिक्र किया। PM ने कहा कि आपातकाल हमारे इतिहास का एक काला अध्याय था। अब हमारे पास वंदे मातरम की महानता को पुनर्स्थापित करने का अवसर है। इस अवसर को हमें हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।

PM के भाषण के 2 मकसद - कांग्रेस

इस पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा- PM के भाषण के 2 मकसद थे। पहला ये कि उनकी बातों से लगा कि उनके राजनीतिक पूर्वज खुद ब्रिटिश के खिलाफ लड़े थे। दूसरा ये कि एक चर्चा को राजनीतिक रंग देने का, जब-जब PM मोदी किसी विषय पर बोलते हैं, नेहरू का नाम बार-बार बोलते हैं। [caption id="attachment_120980" align="alignnone" width="623"] कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई[/caption]

‘वंदे मातरम् निभाने के लिए’

Modi Nehru Jinnah Vande Mataram: इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पीच दी। उन्होंने कहा, 'जिस वंदे मातरम् ने आजादी के आंदोलन को जोड़ा, दरारवादी लोग उसी से देश को तोड़ना चाहते हैं। वंदे मातरम् गाने के लिए नहीं, बल्कि निभाने के लिए है।'