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PM इंटर्नशिप योजना फिर लौटेगी: युवाओं के सपने होंगे पूरे!
सिर्फ योजना की नहीं है, हर उस युवा की है जिसे अवसर की तलाश है
योजना की पहली असफल कोशिश
सरकार ने जब ये योजना लॉन्च की थी, तो सोचा गया था कि देशभर के युवाओं को टॉप 500 कंपनियों में पेड इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को छूने वाला ये मिशन, शुरुआत से ही अटक गया। ? पहले राउंड में 6.45 लाख एप्लिकेशन आए, लेकिन सिर्फ 8700 लोग इंटर्नशिप ज्वॉइन कर सके। ? दूसरे राउंड में चयन प्रक्रिया अब तक जारी है। आख़िर क्या हुआ?सरकार ने बड़े रिसर्च इंस्टीट्यूट्स से जब फीडबैक लिया तो 4 चौंकाने वाली खामियां सामने आईं:
- लोकेशन दूर होने की वजह से युवा पीछे हटे लड़कियों और ग्रामीण इलाकों से आने वालों के लिए ये सबसे बड़ा चैलेंज था।
- इंटर्नशिप की अवधि ज़्यादा लंबी थी, जिससे कई छात्रों को जॉब्स या पढ़ाई में दिक्कत हुई।
- ऑफर की गई इंटर्नशिप युवाओं की पसंद से मेल नहीं खाती थी।
- उम्र सीमा 21 साल होने से ITI और पॉलिटेक्निक छात्र योजना से बाहर रह गए।
अब बदलाव के साथ लौटेगी योजना
सरकार अब वही गलती दोहराना नहीं चाहती। इसलिए इस बार पूरी तैयारी के साथ योजना को 2026-27 में दोबारा लॉन्च किया जाएगा। बजट भी सीधे 380 करोड़ से बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।बदलाव क्या हैं?
- न्यूनतम उम्र अब 21 से घटाकर 18 साल की जा रही है ताकि ITI, डिप्लोमा और कॉलेज फ्रेशर्स को भी अवसर मिले।
- स्टाइपेंड (stipend) बढ़ेगा, ताकि युवा आर्थिक रूप से सशक्त महसूस करें।
- इंटर्नशिप की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल की जा रही है ताकि अनुभव भी मिले, गहराई भी आए।
- लोकेशन आधारित प्लेसमेंट को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि युवाओं को अपने शहर के पास ही कंपनियों में इंटर्नशिप मिले।