देश-विदेश
मुनीर ने फिर कश्मीर को गले की नस बताया: डेढ़ महीने में दूसरी अमेरिका यात्रा
बात वही पुरानी है, लेकिन जगह बदल गई है
जगह थी फ्लोरिडा का टैम्पा शहर, सामने थे अमेरिकी अधिकारी और पाकिस्तानी मूल के अप्रवासी... और जुबान थी पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर की।"कश्मीर हमारी गले की नस है... था, है और रहेगा।"ये कोई पहली बार नहीं था। अप्रैल में भी उन्होंने ऐसी ही बात की थी। लेकिन इस बार फर्क सिर्फ इतना था कि उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कहा, अमेरिका में, विदेशी जमीन पर जहां दुनिया के कान पहले से ज्यादा सतर्क रहते हैं।
गले की नस... या खुद की नब्ज छुपाने का तरीका?
हर बार जब पाकिस्तान में अंदरूनी हालात बिगड़ते हैं कभी आर्थिक संकट, कभी आतंकी घटनाएं, कभी सेना-राजनीति की खींचतान तब एक रटा-रटाया बयान सामने आता है कश्मीर हमारा है, रहेगा, और हम इसे कभी नहीं भूलेंगे।आख़िर क्यों? क्योंकि जब घर में आग लगी हो, तो पड़ोसी की छत दिखाकर लोगों का ध्यान भटकाना आसान होता है।मुनीर का मिशन अमेरिका: आर्थिक मदद, और राजनीतिक असर
ये दौरा सिर्फ कश्मीर तक सीमित नहीं था। आसिम मुनीर की ये डेढ़ महीने में दूसरी अमेरिका यात्रा थी। उन्होंने अमेरिकी जॉइंट चीफ जनरल डैन केन से मुलाकात की, सेंटकॉम के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और व्यापारिक संबंधों की संभावनाओं की बातें कीं।उन्होंने ये भी दावा किया कि अमेरिका, सऊदी, यूएई और चीन के साथ पाकिस्तान के आर्थिक समझौते प्रगति पर हैं अमेरिकी प्रवासियों से कहा “आपका विदेश जाना प्रतिभा पलायन नहीं, प्रतिभा अर्जन है” ट्रंप को धन्यवाद कहा कि उनकी वजह से भारत-पाक युद्ध टलाPakistan's Army Chief Asim Munir made his second US visit in under two months, meeting General Caine and inviting him to Pakistan. He also attended a CENTCOM leadership change ceremony. This is the real reason for the deterioration of the US-India ties, not the tariffs & Russia. pic.twitter.com/Bl3XYhK1Ur
— Velina Tchakarova (@vtchakarova) August 10, 2025
भारत पर आरोपों की झड़ी: मगर आधार कहां है?
मुनीर ने भारत पर क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि:"भारत झूठे बहाने बनाकर पाकिस्तान को निशाना बना रहा है।"उन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसी R&AW पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। लेकिन सवाल ये है क्या उनके पास सबूत है? या ये वही पुराना प्रोपेगैंडा है जो दशकों से पाकिस्तान के नेता दोहराते आ रहे हैं जब भी उन्हें अपनी असफलताओं से ध्यान हटाना होता है।
कश्मीर: राजनीति नहीं, इंसानियत की ज़मीन है
कश्मीर सिर्फ एक नक्शे की लकीर नहीं, लोगों की ज़िंदगी का सवाल है। जहां पाकिस्तान बार-बार इसे "अंतरराष्ट्रीय मुद्दा" बताने की कोशिश करता है, वहीं भारत साफ कह चुका है"कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा।"जो देश अपने हिस्से के कश्मीर में आज तक बुनियादी ढांचा तक नहीं बना पाया, वो दूसरों को कैसे रास्ता दिखा सकता है?