देश-विदेश
चुनाव आयोग पर विपक्ष का वार: महाभियोग की तैयारी
संसद में वोट चोरी पर हंगामा
संसद में नारे: वोट चोर गद्दी छोड़
आज संसद में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी वोट चोर गद्दी छोड़, We Want Justice Democracy Under Threat इस विरोध का कारण बना बिहार में कथित वोटर डेटा से छेड़छाड़ और चुनाव आयोग की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस जिसमें कांग्रेस पर 'फर्जी डेटा' फैलाने का आरोप लगाया गया।क्या है पूरा मामला?
- कांग्रेस और विपक्षी INDIA ब्लॉक का आरोप है कि बिहार के वोटर वेरिफिकेशन (SIR) प्रोजेक्ट के तहत वोटर डेटा में गड़बड़ी, डुप्लीकेशन और फर्जी मतदाता जोड़े गए।
- राहुल गांधी ने एक PPT प्रेजेंटेशन के ज़रिए इन आरोपों को संसद और जनता के सामने रखा था।
- चुनाव आयोग ने इसे सिरे से खारिज किया और कहा—“जो डेटा दिखाया गया वह हमारा नहीं है। या तो राहुल गांधी हलफनामा दें या माफी मांगें।”
क्या महाभियोग लाएगा विपक्ष?
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने ANI से कहा—
"अगर जरूरत पड़ी तो हम महाभियोग प्रस्ताव समेत हर लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएंगे।"इंडिया ब्लॉक ने खड़गे के कक्ष में रणनीति बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार हो रहा है।
संसद में महाभियोग लाना आसान नहीं
राज्यसभा में एक तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी फिर लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत से पारित करना होता है राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से ये कठिन है, लेकिन राजनीतिक दबाव बनाने के लिए ये कदम अहम हो सकता हैसरकार का जवाब: ये हंगामा सिर्फ दिखावा
लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने कहा—
"विपक्ष केवल हंगामा कर रहा है। चुनाव आयोग वही है, जिसके नेतृत्व में कांग्रेस वर्षों सत्ता में रही। अगर इतनी आपत्ति है तो आधिकारिक शिकायत क्यों नहीं की गई?"उन्होंने ये भी जोड़ा कि सिर्फ आरोप लगाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता, सबूत भी देने होंगे।