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ऑपरेशन ब्लू स्टार की 41वीं बरसी : खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे
Operation Blue Star Updates : विवाद से बचने के लिए जत्थेदार ने अरदास के बीच दिया संदेश
Operation Blue Star Updates : ऑपरेशन ब्लू स्टार की 41वीं बरसी पर अमृतसर में स्वर्ण मंदिर परिसर में सिख समुदाय के विभिन्न समूहों ने एकत्रित होकर इस दिन को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर खालिस्तान समर्थक नारों और जरनैल सिंह भिंडरांवाले के पोस्टरों के साथ प्रदर्शन हुए। हालांकि, इस वर्ष की बरसी पर कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं और निर्णय हुए, जो सिख समुदाय के भीतर आंतरिक मतभेदों और नेतृत्व संकट को उजागर करते हैं।प्रमुख घटनाएं और निर्णय
- अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार का संदेश न देना: अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने इस वर्ष के आयोजन में कौम के नाम कोई संदेश नहीं दिया। यह निर्णय विभिन्न सिख धार्मिक समूहों, विशेषकर दमदमी टकसाल, द्वारा जत्थेदार की नियुक्ति को लेकर विरोध के कारण लिया गया। इन समूहों का कहना था कि जत्थेदार की नियुक्ति उचित धार्मिक प्रक्रिया और व्यापक सहमति के बिना की गई है।
- सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि: बरसी के दिन स्वर्ण मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। पंजाब पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त, शहर में फ्लैग मार्च भी आयोजित किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
- प्रदर्शन और नारेबाजी: स्वर्ण मंदिर परिसर में खालिस्तान समर्थक नारों की गूंज सुनाई दी। दमदमी टकसाल और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेताओं ने इस दिन को 'घल्लूघारा दिवस' के रूप में मनाया और जरनैल सिंह भिंडरांवाले के पोस्टर लेकर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए।