north east india floods 2025 : बारिश और लैंडस्लाइड से भारी तबाही
north east india floods 2025 : पूर्वोत्तर भारत में इस साल मानसून ने जल्दी दस्तक दी और अपनी ताकत से तबाही मचाना शुरू कर दिया है।
दो दिन में 32 लोगों की मौत हो चुकी है, और इससे ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं।
असम,
अरुणाचल प्रदेश,
मिजोरम और
मणिपुर में भारी बारिश और
लैंडस्लाइड के कारण हालात खराब हैं।
असम में ब्रह्मपुत्र नदी का उफान, 16 लोगों की मौत
असम में
ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ राज्य के कई हिस्सों में
लैंडस्लाइड और बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं।
असम में 16 मौतें हो चुकी हैं, और कई इलाके बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी में उफान आने से
गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है और कई घर पानी में डूब गए हैं।
इस दौरान
हाईवे पर भूस्खलन ने यातायात को भी प्रभावित किया है। राज्य सरकार ने
सतर्क रहने की अपील की है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिया है।
अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन, 9 की मौत
अरुणाचल प्रदेश में इस मानसून में सबसे ज्यादा तबाही हुई है।
ईस्ट कामेंग जिले में एक कार भूस्खलन के कारण गहरी खाई में गिर गई, जिससे
7 लोग मारे गए। ये सभी लोग दो परिवारों से थे और हादसा उस वक्त हुआ जब वे एक हाईवे पर यात्रा कर रहे थे। इसके अलावा, एक और घटना में 2 लोगों की मौत हो गई।
मौसम विभाग ने अरुणाचल में आगामी दिनों में और अधिक
भूस्खलन और
बाढ़ की चेतावनी दी है।
मिजोरम में घरों की तबाही, 1 की मौत
मिजोरम में भी
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हालात बेकाबू हो गए हैं।
सेरछिप जिले में
13 घर गिर गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है और प्रभावित लोगों के लिए
राहत सामग्री भेजी जा रही है।
मणिपुर में बाढ़, 883 घरों को नुकसान
मणिपुर में
48 घंटों के भीतर बाढ़ और
लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के
3,802 लोग प्रभावित हुए हैं और
883 घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है और कई लोग राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में
तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया है। लोगों से
सतर्क रहने और
सतत संपर्क में रहने की अपील की गई है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने
आंधी, बारिश और तूफान के लिए
ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
चंबा,
कांगड़ा,
कुल्लू,
मंडी और
शिमला जिलों में 1 जून को तेज बारिश और आंधी का पूर्वानुमान है। वहीं,
2 जून को सोलन और
सिरमौर में अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस समय भारी बारिश और तूफान से
सड़कें बाधित हो सकती हैं और
अधिकारिक स्थानों पर जलभराव हो सकता है।
राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट
राजस्थान के
14 जिलों में आंधी और बारिश का
अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में
धौलपुर,
अलवर और
सीकर में बीते दिन बारिश हुई, जिससे
गर्मी में राहत मिली। हालांकि,
श्रीगंगानगर,
चूरू, और
हनुमानगढ़ में
गर्मी का प्रकोप बढ़ गया।
राज्य के कई हिस्सों में
2 से 4 जून तक बारिश होने का अनुमान है, जिससे
कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है।
मानसून की बढ़ती चुनौती
पूर्वोत्तर भारत में इस समय
मानसून ने
सुनामी जैसी तबाही मचाई है, जिसमें
32 लोगों की मौत हो चुकी है।
असम,
अरुणाचल,
मणिपुर और
मिजोरम में
भूस्खलन और बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है और सैकड़ों घरों को नुकसान पहुँचाया है।
आगे आने वाले दिनों में,
हिमाचल प्रदेश और
राजस्थान में भी बारिश और आंधी का असर दिखने वाला है। ऐसे में सभी नागरिकों को
सतर्क रहने,
मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और
सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी जाती है।
सतर्कता और राहत कार्य की आवश्यकता
मानसून के समय में
प्राकृतिक आपदाएं तेजी से तबाही मचा सकती हैं, जैसे कि
भूस्खलन,
बाढ़ और
आंधी-तूफान।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसून के पहले ही चरण में भारी नुकसान हुआ है। अब जरूरी है कि
सभी प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत कार्य किए जाएं और
सतर्कता बरती जाए।
Watch Now:-किसानों को मोदी सरकार का तोहफा… MSP में बढ़ोतरी! | AGRICULTURE