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सोनीपत NIFTEM ने बनाया बाजरे से चावल: शुगर मरीज भी खा सकेंगे
क्या खास है इस चावल में?
NIFTEM के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के मुताबिक, डॉ. अंकुर ओझा और उनकी टीम ने इस चावल को तैयार किया है। इसे ‘कंपोजिट राइस एक्टूडेड मिलेट’ नाम दिया गया है और पेटेंट भी मिल चुका है। एक्सट्रूजन टेक्नोलॉजी से बनाया गया यह चावल हल्का भूरा रंग का होता है और इसका स्वाद आम चावल जैसा ही है। सबसे खास बात यह है कि इस चावल की खीर सिर्फ 5 मिनट में तैयार हो जाएगी, जैसे नूडल्स की तरह। एक पैकेट से 6 कटोरी खीर बनाई जा सकती है, जिसमें आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होते हैं।कैसे तैयार किया गया?
वैज्ञानिकों ने 33% बाजरा, 33% काला नमक चावल और 33% काला चावल मिलाकर चावल बनाया। इसके लिए हाई प्रेशर और तापमान में एक्सट्रूजन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया। इसमें किसी तरह का कृत्रिम रंग या मिलावट नहीं है, और यह पूरी तरह प्राकृतिक है। इस चावल में दूध के ठोस पदार्थ, मखाना ग्रिट्स, बादाम, पिस्ता और इलायची भी मिलाए गए हैं। इसे दो स्वादों में तैयार किया गया है। Read More:- Best life changing habits: ज़िंदगी को आसान बनाने वाले 5 छोटे बदलाव जो आपकी सोच ही बदल देंगे.बाजार में उपलब्धता और कीमत: niftem bajra rice diabetic friendly
डॉ. ओझा के अनुसार, यह चावल अगले महीने तक बाजार में उपलब्ध होगा। कीमत अभी तय नहीं हुई है, लेकिन बताया गया है कि यह वर्तमान में बिक रहे चावलों से करीब 20% सस्ता होगा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने NIFTEM के साथ मिलकर इस चावल को आम लोगों तक पहुँचाने के लिए समझौता किया है।फायदे और उपयोग
- शुगर मरीजों के लिए सुरक्षित: इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है।
- तेज पकने वाला: सिर्फ 5 मिनट में खीर या अन्य व्यंजन तैयार।
- पौष्टिक: आयरन, विटामिन सी और मिलेट्स से भरपूर।
- स्वादिष्ट: बाजरा और काले चावल का मिश्रण, स्वाद में सामान्य चावल जैसा।