देश-विदेश

नेपाल में 20 लोगों की मौत के बाद सोशल मीडिया फिर से शुरू, गृहमंत्री का इस्तीफा, संसद में घुसे थे प्रदर्शनकारी, सेना ने फायरिंग की

Nepal Social Media Ban Protests: नेपाल में 20 लोगों की मौत के बाद सोशल मीडिया फिर से शुरू हो गया। नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने हिंसक प्रदर्शनों में हुई मौतों की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री KP शर्मा ओली को सौंपा और कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग में हुई मौतों के लिए उन्हें गहरा दुख है। इस प्रदर्शन में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल है। 

[caption id="attachment_103965" align="alignnone" width="500"] नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक[/caption]

26 सोशल मीडिया साइट्स बैन

नेपाल सरकार ने 3 सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया साइट्स पर बैन लगाने का फैसला किया था। इन प्लेटफॉर्म ने नेपाल के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। मंत्रालय ने 28 अगस्त से सात दिन की समय सीमा दी थी, जो 2 सितंबर को खत्म हो गई। [caption id="attachment_103911" align="alignnone" width="483"] संसद में घुसे प्रदर्शनकारी[/caption] इस दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, X, रेडिट और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किया। जबकी टिकटॉक, वाइबर, विटक, निमबज और पोपो लाइव ने रजिस्ट्रेशन कर लिया है, और टेलीग्राम और ग्लोबल डायरी की मंजूरी प्रक्रिया चल रही है।

प्रवक्ता गजेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा

मंत्रालय के प्रवक्ता गजेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म रजिस्ट्रेशन पूरा करता है, तो उसे उसी दिन बहाल कर दिया जाएगा।

सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ यूवा

लेकिन नेपाल सरकार ने ये नहीं सोचा होगा की उनका ये फैसला Gen - Z यानी की वो जनरेशन जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है उनको भड़का देगा। सोशल मीडिया पर बैन का ये प्रदर्शन देखते ही देखते सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ हो गया। इस प्रदर्शन की अगुवाई 12 हजार से ज्यादा युवा प्रदर्शनकारी संसद Gen- Z यानी 18 से 30 साल के युवा कर रहे हैं।  प्रदर्शनरकारियों ने पुलिस पर पथराव किया वहीं सेनी की तरफ से भी फायरिंग की गई। 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Nation Mirror (@nationmirror)

प्रदर्शन की तस्वीरें

[caption id="attachment_103913" align="alignnone" width="485"] प्रदर्शनकारी युवा गेट की फांदकर संसद भवन परिसर में घुस गए।[/caption] [caption id="attachment_103914" align="alignnone" width="492"] प्रदर्शनकारी युवा गेट की फांदकर संसद भवन परिसर में घुस गए।[/caption] [caption id="attachment_103915" align="alignnone" width="499"] प्रदर्शन में शामिल हजारों युवा[/caption]

Nepal Social Media Ban Protests: संसद में घुसे यूवा

रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने संसद के गेट नंबर 1 और 2 पर कब्जा कर लिया। इसके बाद संसद भवन, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम आवास के पास के इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया। काठमांडू प्रशासन ने तोड़फोड़ करने वाले को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए हैं। अब तक प्रदर्शन के दौरान 16 लोगों की मौत हो गई है। 100 से ज्यादा युवा घायल है।  https://youtu.be/d-UP7K1C-OM?si=pdcGGd_JyrJuqy5u

सेलिब्रिटिज ने किया प्रदर्शनकारियों का सपोर्ट

नेपाल की कई मशहूर सेलिब्रिटिज ने प्रदर्शनकारियों का सपोर्ट किया है। एक्टर मदन कृष्ण श्रेष्ठ और हरि बंश आचार्य ने फेसबुक पर युवाओं की तारीफ की। आचार्य ने एक नई सड़क के जल्दी बिगड़ने पर कहा- मैं रोज सोचता था कि यह सड़क इतनी जल्दी क्यों खराब हो गई। लेकिन युवा सिर्फ सोचते नहीं, सवाल पूछते हैं। यह क्यों टूटी? कैसे? कौन जिम्मेदार? यह एक उदाहरण है। युवा सिस्टम के खिलाफ नहीं, बल्कि नेताओं की गलतियों के खिलाफ हैं।  विदेशों में रह रहे नेपाली युवाओं ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार और असमानता खत्म नहीं हुई तो और ज्यादा पढ़े-लिखे युवा देश छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे।

रात 10 बजे तक कर्फ्यू 

प्रदर्शन को बढ़ते देख काठमांडू जिला प्रशासन ने प्रमुख इलाकों में रात 10:00 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया। विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक बलुवाटार स्थित प्रधानमंत्री आवास पर हुई।