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Nepal crisis Gen Z: नेपाल में हिंसा की चपेट में भारतीय महिला, वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार

Nepal crisis Gen Z: नेपाल में चल रहे Gen Z आंदोलन के बीच हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। हिंसा, आगजनी और अफरा-तफरी के माहौल में भारतीय पर्यटक भी बुरी तरह फंस गए हैं। इसी बीच उपासिता काले नाम की एक भारतीय महिला ने वीडियो जारी कर भारत सरकार और दूतावास से जान बचाने की अपील की है। [caption id="attachment_104257" align="alignnone" width="300"] Nepal crisis Gen Z[/caption]

Nepal crisis Gen Z: होटल में लगाई गई आग, जान बचाकर भागीं महिला

उपासिता काले नेपाल के पोखरा शहर में चल रही वॉलीबॉल लीग को होस्ट करने के लिए पहुंची थीं। लेकिन आंदोलन के हिंसक हो जाने पर वे भी चपेट में आ गईं। उन्होंने अपने वीडियो में बताया कि वे जिस होटल में ठहरी थीं, उसे प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरा नाम उपासिता काले है। मैं भारत सरकार और भारतीय दूतावास से निवेदन करती हूं कि मेरी मदद करें। होटल जहां मैं ठहरी थी, पूरी तरह जल चुका है। सारा सामान जलकर राख हो गया है। जब मैं स्पा में थी, उस समय लाठी-डंडों से लैस लोग मेरे पीछे दौड़ पड़े। किसी तरह जान बचाकर भागी हूं।"

Gen Z आंदोलन: सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ आक्रोश

Nepal crisis Gen Z: नेपाल में Gen Z आंदोलन की शुरुआत सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर बैन लगाने के बाद हुई। यह प्रतिबंध युवाओं के आक्रोश का कारण बन गया और जल्द ही यह आंदोलन भ्रष्टाचार विरोध में बदल गया। सरकार और नेताओं के खिलाफ गुस्सा लंबे समय से दबा हुआ था, लेकिन बैन ने आग में घी का काम किया। हजारों युवा सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया।

सरकारी इमारतों से संसद तक लगी आग

[caption id="attachment_104258" align="alignnone" width="300"] सरकारी इमारतों[/caption] प्रदर्शनकारियों ने राजधानी काठमांडू में स्थित संसद भवन, सरकारी कार्यालयों और नेताओं के घरों तक को आग के हवाले कर दिया। अब तक की जानकारी के अनुसार, कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा की बढ़ती घटनाओं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया, और सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध भी हटा लिया गया है।

Nepal crisis Gen Z: विदेशी पर्यटक भी चपेट में, पर्यटकों पर हमले

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा अब सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय नागरिकों और विदेशी पर्यटकों पर भी हमला किया जा रहा है। उपासिता काले ने कहा कि अब प्रदर्शनकारी किसी में फर्क नहीं कर रहे। "हर जगह आग लगी हुई है। हम डर के साए में हैं। नहीं पता कितने दिन और सुरक्षित रह पाएंगे। हम फिलहाल दूसरे होटल में रुके हैं लेकिन स्थिति बहुत ही गंभीर है।"

भारतीय दूतावास ने जारी किए इमर्जेंसी नंबर

नेपाल में स्थिति बिगड़ते देख भारतीय दूतावास, काठमांडू ने भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं: • +977-9808602881 • +977-9810326134 दूतावास ने X (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा है कि जो नागरिक नेपाल में हैं, वे अपने होटल या घर में ही रहें, सड़कों पर निकलने से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

Nepal crisis Gen Z: यात्रा न करने की सलाह, सतर्क रहने की अपील

दूतावास ने आम भारतीयों को सलाह दी है कि वे हालात सामान्य होने तक नेपाल यात्रा टाल दें। जो लोग पहले से नेपाल में मौजूद हैं, वे संपर्क में रहें, सुरक्षित स्थान पर रहें और घबराएं नहीं।

इस पूरे घटनाक्रम ने नेपाल में मौजूद भारतीयों और उनके परिजनों के बीच चिंता की लहर फैला दी है।

जान बचाना प्राथमिकता, तत्काल मदद की जरूरत

उपासिता काले की अपील और नेपाल के हालात भारत सरकार के लिए एक गंभीर मानवीय संकट का संकेत हैं। भारत सरकार और दूतावास को चाहिए कि वे फंसे हुए नागरिकों को तत्काल राहत और सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करें।