करोड़ों मोबाइल पर अचानक बजा सायरन! जानिए क्यों आया इमरजेंसी अलर्ट मैसेज
शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे देशभर में करोड़ों लोगों के मोबाइल फोन अचानक तेज बीप और सायरन जैसी आवाज के साथ बज उठे। मोबाइल स्क्रीन पर इमरजेंसी अलर्ट मैसेज दिखाई देने लगा, जिसे कई फोन में ऑटोमैटिक आवाज में पढ़कर भी सुनाया गया। अचानक आए इस मैसेज से कई लोग घबरा गए, जबकि कुछ लोग इसे साइबर अटैक या नेटवर्क समस्या समझ बैठे।
हालांकि बाद में साफ हुआ कि यह कोई खतरे की चेतावनी नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का परीक्षण था। इसका उद्देश्य भविष्य में भूकंप, बाढ़, सुनामी, चक्रवात या अन्य बड़ी आपदाओं के दौरान लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाना है।
क्या था मोबाइल पर आया अलर्ट मैसेज?
मोबाइल फोन पर आए मैसेज में बताया गया कि यह एक “टेस्ट इमरजेंसी अलर्ट” है। लोगों से कहा गया कि घबराने या किसी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। यह केवल आपदा चेतावनी प्रणाली की जांच के लिए भेजा गया संदेश था।मैसेज हिंदी, अंग्रेजी और अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में भेजा गया, ताकि देश के हर हिस्से में लोग इसे आसानी से समझ सकें।
कैसे काम करता है Cell Broadcast System?
NDMA ने इस नई व्यवस्था को Cell Broadcast (CB) तकनीक से जोड़ा है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसी एक क्षेत्र में मौजूद सभी एक्टिव मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेजा जा सकता है।सामान्य SMS की तुलना में यह सिस्टम ज्यादा तेज और प्रभावी माना जाता है। इंटरनेट बंद होने या नेटवर्क कमजोर होने की स्थिति में भी यह तकनीक काम कर सकती है।
क्यों जरूरी है यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम?
भारत में हर साल बाढ़, चक्रवात, भूकंप, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं से हजारों लोग प्रभावित होते हैं। कई बार समय पर सूचना नहीं मिलने से नुकसान बढ़ जाता है।सरकार का मानना है कि यदि लोगों को पहले ही चेतावनी मिल जाए तो जान-माल का नुकसान काफी कम किया जा सकता है। इसी वजह से NDMA इस सिस्टम को पूरे देश में मजबूत करने पर काम कर रहा है।
किन इलाकों में हुई टेस्टिंग?
शनिवार को देश की सभी राज्य राजधानियों और दिल्ली-NCR समेत कई बड़े शहरों में यह परीक्षण किया गया। करोड़ों मोबाइल यूजर्स को एकसाथ यह अलर्ट प्राप्त हुआ।सरकार ने दो दिन पहले ही लोगों को जानकारी दे दी थी कि जल्द ही इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग की जाएगी, ताकि लोग भ्रमित न हों।
भविष्य में कैसे मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में यह तकनीक आपदा प्रबंधन का सबसे बड़ा हथियार बन सकती है। किसी भी प्राकृतिक संकट या राष्ट्रीय आपात स्थिति में सरकार कुछ सेकंड के भीतर करोड़ों लोगों तक चेतावनी पहुंचा सकेगी।इससे खासतौर पर बाढ़ प्रभावित, तटीय और भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में मदद मिलेगी।