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शशि थरूर के गढ़ में NDA की बड़ी सेंध: 45 साल बाद तिरुवनंतपुरम में लेफ्ट कमजोर

NDA Big Win Thiruvananthapuram: केरल की राजनीति में शनिवार को ऐसा नतीजा आया, जिसने सबका ध्यान खींच लिया । कांग्रेस सांसद शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में इस बार स्थानीय निकाय चुनावों में NDA ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 45 साल से वामपंथी कब्जे वाले नगर निगम में NDA ने लगभग आधी सीटें जीतकर सियासी समीकरण बदल दिए हैं।

101 वार्डों में NDA को 50 सीटें

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के कुल 101 वार्डों में से NDA ने 50 वार्ड जीते, LDF को 29 सीटें मिलीं UDF (कांग्रेस गठबंधन) 19 वार्डों तक सिमट गया. हालांकि बहुमत के लिए 51 सीटें चाहिए, लेकिन NDA का यह प्रदर्शन ऐतिहासिक माना जा रहा है।

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2020 से तो तस्वीर बदल गई

अगर पिछले चुनाव से तुलना करें, तो बदलाव साफ दिखता है। 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों मेंLDF ने 52 वार्ड जीते थे, NDA को 33 सीटें मिली थीं UDF सिर्फ 10 वार्ड जीत पाया था इस बार LDF और UDF दोनों को नुकसान हुआ है, जबकि NDA ने बड़ी छलांग लगाई है।

भाजपा दफ्तर में जश्न का माहौल

नतीजे आते ही तिरुवनंतपुरम के भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटीं और जमकर जश्न मनाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह जीत सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि केरल में बदले मूड की झलक है।

  जनादेश का सम्मान होना चाहिएः शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता के फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए, चाहे वह पूरे राज्य में UDF के पक्ष में हो या उनके निर्वाचन क्षेत्र में BJP के लिए। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब पार्टी के भीतर भी तिरुवनंतपुरम के नतीजों पर चर्चा तेज है।