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गिफ्ट सिटी के तर्ज पर मध्यप्रदेश में बनेंगी 10 स्मार्ट सिटी
गिफ्ट सिटी की तर्ज पर 10 स्मार्ट सिटी
मध्यप्रदेश स्मार्ट सिटी योजना:- अब मध्यप्रदेश में भी गुजरात की गिफ्ट सिटी की तर्ज पर 10 स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इन आधुनिक शहरों में औद्योगिक पार्क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय परिसर और मल्टीप्लेक्स जैसी सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही अस्पताल, स्कूल और सभी प्रकार के यातायात विकल्प भी मौजूद रहेंगे।उद्देश्य
भारत को फाइनेंस, टेक्नोलॉजी और बैंकिंग के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाना था। आज गिफ्ट सिटी भारत की पहली इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर (IFSC) के रूप में जानी जाती है।भोपाल को मिल सकती है पहली स्मार्ट टाउनशिप
योजना के प्रारंभिक चरण में भोपाल को इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) से लगभग 1600 एकड़ जमीन लेगी। इस भूमि पर औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग के साथ-साथ एक सर्वसुविधायुक्त हाउसिंग प्रोजेक्ट भी विकसित किया जाएगा, जिसमें किफायती दरों पर मकान उपलब्ध होंगे।BHEL की ज़मीन पर बनेगा नया टाउन
दरअसल, वर्ष 1964 में जब भेल की स्थापना हुई थी, तब मध्यप्रदेश सरकार ने उसे 6,000 एकड़ भूमि आवंटित की थी। वर्तमान में भेल केवल लगभग 3,000 एकड़ भूमि पर ही अपना संचालन कर रहा है,जबकि...
बाकी ज़मीन अनुपयोगी है। सरकार अब इस शेष भूमि का उपयोग एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप के रूप में करना चाहती है।इसके तहत राज्य सरकार भेल से करीब 1,695 एकड़ ज़मीन वापस लेगी, जबकि शेष भूमि पर भेल के साथ मिलकर संयुक्त विकास परियोजना चलाई जाएगी।
अवैध कब्जों पर कार्रवाई की तैयारी
BHEL की जमीन पर 760 एकड़ क्षेत्र में अवैध कब्जा है, जिसमें से लगभग 12 एकड़ पर 'अन्ना कॉलोनी' नाम की अवैध बस्ती बसी है।इसके अलावा...
जंबूरी मैदान भी भेल की ज़मीन पर बना है, जो लगभग 90 एकड़ क्षेत्र में फैला है। करीब 700 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही है।जब राज्य सरकार ने यह ज़मीन भेल प्रशासन से मांगी थी, तो प्रारंभ में उन्होंने इनकार कर दिया था। अब सरकार इस भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए सख्त कदम उठाने जा रहे है।
रियल एस्टेट की नज़र में प्राइम लोकेशन
BHEL की यह भूमि भोपाल एम्स के सामने स्थित है और रियल एस्टेट के नजरिए से अत्यंत प्राइम लोकेशन मानी जाती है। समय के साथ इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है।
FAQ:-
1. भेल की ज़मीन ही क्यों?
राज्य सरकार के अधिकारियों ने केंद्र सरकार के भारी उद्योग विभाग को बताया कि... भोपाल मेट्रोपॉलिटन पॉलिसी के तहत शहर को मेट्रो क्षेत्र में विकसित किया जाना है।चूंकि...
भोपाल की सीमाएं एक ओर रातापानी टाइगर रिजर्व से जुड़ी हैं,इसलिए...
- जंगल वाले क्षेत्रों में औद्योगिक विकास संभव नहीं है।
- ऐसे में भेल की खाली पड़ी ज़मीन इस विकास के लिए उपयुक्त विकल्प है।