मैं डिप्टी चीफ मिनिस्टर बोल रहा हूं… अजित पवार और IPS अंजना कृष्णा के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल
Ajit Pawar IPS Anjana Krishna viral video: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष अजित पवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। 31 अगस्त 2025 को सोलापुर जिले के करमाला तालुका के कुर्दु गांव में हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में अजित पवार को महिला IPS अधिकारी अंजना कृष्णा से तीखी बहस करते और उन्हें फटकारते हुए देखा जा सकता है। यह घटना तब हुई जब IPS अधिकारी अंजना कृष्णा, जो करमाला की उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (DSP) हैं, अवैध मुरम (रेत) खनन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मौके पर पहुंची थीं। मुरम, जो सड़क निर्माण में उपयोग होने वाली मिट्टी है, का अवैध खनन क्षेत्र में शिकायतों का विषय रहा है।
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वीडियो में क्या है?
वायरल वीडियो में IPS अंजना कृष्णा सिविल ड्रेस में एक खुले मैदान में खड़ी नजर आ रही हैं, उनके आसपास कुछ लोग मौजूद हैं। वीडियो के अनुसार, स्थानीय NCP कार्यकर्ता बाबा जगताप ने अजित पवार को फोन किया और फिर फोन अंजना कृष्णा को सौंप दिया। वीडियो में अजित पवार को यह कहते सुना जा सकता है,अजित पवार - “सुनो, मैं डिप्टी चीफ मिनिस्टर बोल रहा हूं और आपको आदेश देता हूं कि वो रोकवाओ।”जब अंजना ने उनकी आवाज को पहचानने में असमर्थता जताई और उनसे अपने निजी नंबर पर कॉल करने को कहा, तो अजित पवार भड़क गए। उन्होंने कहा,
“इतना डेयरिंग हुआ है क्या? मैं तेरे ऊपर एक्शन लूंगा। मेरा चेहरा तो पहचान लेगी ना?”इसके बाद, उन्होंने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और कार्रवाई रोकने का दबाव डाला। अंजना ने जवाब में कहा कि उन्हें नहीं पता था कि वह डिप्टी सीएम से बात कर रही हैं। [caption id="attachment_103412" align="alignnone" width="477"]
Ajit Pawar IPS Anjana Krishna viral video: NCP का बचाव
वीडियो के वायरल होने के बाद NCP ने अजित पवार का बचाव किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने दावा किया कि वीडियो को जानबूझकर लीक किया गया और अजित पवार का इरादा कार्रवाई को पूरी तरह रोकना नहीं था। उन्होंने कहा,“अजित दादा ने शायद कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए अधिकारी को डांटा। उनका मतलब कार्रवाई को पूरी तरह रोकना नहीं था।”[caption id="attachment_103413" align="alignnone" width="431"]
विपक्ष का हमला
विपक्ष ने इस घटना को लेकर अजित पवार पर तीखा हमला बोला। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने कहा कि पवार अवैध गतिविधियों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा,“वह एक IPS अधिकारी को अवैध गतिविधियों को रोकने से मना कर रहे हैं, लेकिन दूसरों को कानून का पालन करने की नसीहत देते हैं। यह शर्मनाक है।”राउत ने यह भी मांग की कि इस घटना के बाद अजित पवार को सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुम्भार ने भी सवाल उठाया कि क्या राजनेता अपने पसंदीदा अधिकारियों को प्रमुख पदों पर नियुक्त करने के लिए ऐसा दबाव बनाते हैं। [caption id="attachment_103414" align="alignnone" width="508"]
पवार और केंद्रीय मंत्री का बयान
अजित पवार ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि वे पुलिस और अधिकारियों का सम्मान करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी प्रतिक्रिया गलत हो सकती थी, लेकिन उनका इरादा गलत नहीं था। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी पवार का बचाव करते हुए कहा,“मुझे लगता है कि अजित पवार एक मजबूत नेता और अच्छे प्रशासक हैं। उन्होंने गलती से ऐसा किया क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि वह एक अधिकारी से बात कर रहे हैं।” अठावले ने यह भी कहा कि पवार ने बाद में अपनी गलती स्वीकार की।