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10 साल के बच्चों ने चढ़ा एवरेस्ट बेस कैंप! 5364 मीटर की ट्रेकिंग, हर दिन 9 घंटे पैदल चले
kids inspirational story 2025 : इंस्पिरेशन और एडवेंचर से भरी कहानी
kids inspirational story 2025 : आज जब ज़्यादातर बच्चे मोबाइल और स्क्रीन के पीछे दिन बिताते हैं, ऐसे समय में वडोदरा के चार बच्चों ने ऐसा कुछ कर दिखाया, जो बड़े-बड़ों के लिए भी सपना होता है। 10 से 16 साल की उम्र के इन बच्चों ने नेपाल में 5364 मीटर ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) तक ट्रेकिंग कर दुनिया को दिखा दिया कि हिम्मत और सही मार्गदर्शन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।???? कौन-कौन थे इस ट्रेक का हिस्सा?
गांधी और शाह परिवार के सदस्यों ने इस गर्मियों की छुट्टी को एक साहसिक एडवेंचर में बदल दिया।- पद्मजा गांधी (15 वर्ष)
- धनश्री गांधी (10 वर्ष)
- कनिष्क शाह (16 वर्ष)
- करण शाह (11 वर्ष)
?️ -15°C तापमान, बर्फीली हवाएं और हर दिन 9 घंटे की ट्रेकिंग
ट्रेकिंग का यह सफर किसी पिकनिक जैसा नहीं था।- तापमान -15 डिग्री सेल्सियस तक जाता था।
- पतली हवा और ऊंचाई की वजह से हर कदम कठिन था।
- शुरुआत में हर दिन 4-5 घंटे, और आख़िर में 8-9 घंटे तक लगातार पैदल चलना पड़ा।
?♀️ तैयारी ऐसे की गई जैसे कोई मिशन हो
मेघना गांधी और राधा शाह बताती हैं कि बच्चों को इस मुश्किल सफर के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से तैयार किया गया।- तीन महीने तक रोज़ाना 100 फ्लोर की सीढ़ियां चढ़ना।
- हर हफ्ते पावागढ़ हिल की चढ़ाई करना।
- बच्चों को ट्रेकिंग से पहले वीडियो के ज़रिए समझाया गया कि ये सफर कैसा होगा।
? बच्चों की मानसिक तैयारी सबसे बड़ी चुनौती थी
मेघना गांधी बताती हैं, “मोबाइल की दुनिया से बच्चों को निकालकर प्रकृति के पास लाना सबसे बड़ा मकसद था। आज के बच्चे आर्टिफिशियल वर्ल्ड में फंसे हैं। हमने उन्हें सिखाया कि असली रोमांच और सीख पहाड़ों में छिपी है।”? क्या सीखा बच्चों ने?
- धैर्य और सहनशीलता
- टीमवर्क और अनुशासन
- प्रकृति से जुड़ाव और आत्मनिर्भरता