देश-विदेश
करूर भगदड़ः विजय की पार्टी से हाईकोर्ट ने कहा 'माफी तक नहीं मांगी, जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते'
जब भीड़ बेकाबू हुई और 41 जानें चली गईं- लेकिन कोई माफी तक नहीं आई
TVK जिम्मेदारी से नहीं बच सकती: हाईकोर्ट
घटना के बाद TVK पार्टी वहां से चली गई, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। ये लापरवाही नहीं, संवेदनहीनता है। दुनिया ने ये देखा है। आप अपनी आंखें बंद कर लापरवाही से बच नहीं सकते।हाईकोर्ट ने इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई IG असरा गर्ग करेंगे। वहीं CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं अभी के लिए खारिज कर दी गई हैं।
क्या हुआ था करूर में?
विजय की पार्टी TVK की एक रैली और रोड शो के दौरान भारी भीड़ उमड़ी थी संकरी गलियों और कमजोर प्रबंधन के कारण भगदड़ मच गई 41 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बुज़ुर्ग शामिल थे कार्यक्रम के तुरंत बाद पार्टी ने कोई बयान तक जारी नहीं कियाकोर्ट का LIVE मूड- जिम्मेदारी तय होगी, कोई नहीं बचेगा
कोर्ट ने साफ किया कि सिर्फ आयोजक का नहीं, बल्कि पूरी पार्टी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है।अगर किसी नेता की रैली में मौतें होती हैं, और वह अगली सुबह नए कार्यक्रम में चला जाता है, तो यह कैसा नेतृत्व है?” कोर्ट की तीखी टिप्पणी।TVK के एक स्थानीय नेता एन सतीश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई।
भविष्य के लिए बड़ा संदेश: SOP जरूरी, वरना कोई रैली नहीं
राज्य सरकार की ओर से अदालत को जानकारी दी गई किजब तक राजनीतिक रैलियों के लिए स्पष्ट SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार नहीं होती, तब तक किसी भी दल को परमिशन नहीं दी जाएगी।यह फैसला भविष्य में होने वाले राजनीतिक आयोजनों के लिए एक सख्त और जरूरी चेतावनी है।