jyoti malhotra spy case: केरल टूर पर नया विवाद: केरल सरकार ने बुलाया
jyoti malhotra spy case: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार की गई हरियाणा के हिसार की यूट्यूबर
ज्योति मल्होत्रा एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद की जड़ है उसका
केरल टूर, जो अब राजनीतिक तूफान का कारण बन गया है।
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले जवाब से खुलासा हुआ है कि ज्योति को
केरल राज्य सरकार ने खुद आमंत्रित किया था। वह जनवरी 2025 में केरल के टूर पर गई थी और इस यात्रा में उसने कोच्चि, कन्नूर, कोझीकोड, अलपुझा, मुन्नार और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों की यात्रा की थी।
सरकारी खर्चे पर VIP ट्रीटमेंट
RTI से पता चला है कि ज्योति को
केरल टूरिज्म विभाग की ओर से आमंत्रित किया गया था। इस दौरान वह एक लग्जरी हाउसबोट —
जांदरी रिवरस्केप्स — में ठहरी थी, जिसका किराया लगभग ₹15,000 प्रति रात था। यह पूरा खर्च केरल सरकार ने वहन किया।
केरल सरकार की सफाई
केरल के टूरिज्म मंत्री
पीए मोहम्मद रियाज ने स्वीकार किया है कि ज्योति समेत कई यूट्यूबर्स को केरल बुलाया गया था, ताकि वे पर्यटन को बढ़ावा दे सकें। रियाज ने सफाई देते हुए कहा:
“हमने यूट्यूबर्स को अच्छी नीयत से बुलाया था। क्या आपको लगता है कि राज्य सरकार किसी को जासूसी के लिए इनवाइट करेगी?”
मगर यही बयान अब विपक्ष के निशाने पर है।
भाजपा का हमला: रेड कारपेट जासूसी के लिए?
भाजपा प्रवक्ता
शहजाद पूनावाला ने इस मुद्दे को लेकर केरल सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक
पाकिस्तानी एजेंट को वामपंथी सरकार ने राज्य का मेहमान बनाकर बुलाया और उसे VIP ट्रीटमेंट दिया गया। पूनावाला ने मंत्री मोहम्मद रियाज पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वे
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दामाद हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ज्योति फिर से न्यायिक हिरासत में
7 जुलाई को ज्योति को एक बार फिर से कोर्ट में पेश किया गया और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले भी 23 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी पेशी हुई थी, जिसके बाद उसे हिरासत में भेजा गया था।
क्या है आरोप?
ज्योति को
16 मई 2025 को उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वह
पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रही थी और पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण उसे हिरासत में लिया गया।
अब तक पुलिस ज्योति का
9 दिन का रिमांड ले चुकी है, लेकिन उसकी वकील
कुमार मुकेश का कहना है कि गिरफ्तारी के
52 दिन बाद भी पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं। ज्योति के मोबाइल, लैपटॉप और खातों की जांच में भी कुछ नहीं मिला है।
जांच अधिकारी निर्मला ने सिर्फ इतना कहा कि मामला अभी जांचाधीन है और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
बड़े सवाल उठ रहे हैं
ज्योति मल्होत्रा का मामला अब सिर्फ एक जासूसी केस नहीं रहा, बल्कि यह
राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक ओर जहां पुलिस को अब तक ठोस सबूत नहीं मिले हैं, वहीं दूसरी ओर केरल सरकार पर विपक्ष लगातार हमलावर है। आने वाले दिनों में यह विवाद और भी गहराने की संभावना है, क्योंकि इसमें
राजनीति, सुरक्षा और गवर्नेंस — तीनों शामिल हैं।
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