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41 साल बाद दोहराया इतिहास: भारत का बेटा अंतरिक्ष में !
जब भारत का तिरंगा लेकर पहुंचे अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला बोले व्हाट ए राइड!
indian astronaut shubhanshu shukla ax 4 launch space history:25 जून 2025 का दिन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नई कहानी लिख गया। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। उन्होंने स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़ी ड्रैगन कैप्सूल में AX-4 मिशन के तहत अन्य 3 एस्ट्रोनॉट्स के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए सफर शुरू किया।“व्हाट ए राइड!”: शुभांशु के पहले शब्द, कंधे पर तिरंगा
अंतरिक्ष में पहुंचते ही शुभांशु शुक्ला ने लाइव वीडियो कॉल में कहा, “व्हाट ए राइड!” और आगे जोड़ा, “मेरे कंधे पर लगा तिरंगा मुझे आप सभी भारतीयों से जोड़े रखता है।”उनकी इस बात ने पूरे देश का दिल जीत लिया। भारत का झंडा अंतरिक्ष में लहराया और हर भारतीय गर्व से भर गया।
भावुक हुए माता-पिता: लखनऊ में बजाई ताली
शुभांशु की उड़ान के लाइव टेलीकास्ट के दौरान लखनऊ में उनके माता-पिता आशा शुक्ला और शंभु दयाल शुक्ला की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बेटे के मिशन के टेकऑफ पर ताली बजाकर खुशी मनाई। एक मां की आंखों में गर्व और एक पिता की मुस्कान में आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।मिशन 6 बार टल चुका था, फिर रच गया इतिहास: indian astronaut shubhanshu shukla ax 4 launch space history
AX-4 मिशन को लॉन्च करने की कोशिश 6 बार असफल रही:- 29 मई: ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट तैयार नहीं था
- 8 जून: फाल्कन-9 रॉकेट में गड़बड़ी
- 10 जून: खराब मौसम
- 11 जून: ऑक्सीजन लीक
- 19 जून: क्रू मेंबर्स की सेहत और मौसम
- 22 जून: ISS के मॉड्यूल की जांच
AX-4 मिशन का मकसद क्या है?
- माइक्रोग्रेविटी में रिसर्च: अंतरिक्ष में वैज्ञानिक प्रयोग करना
- नई तकनीक का परीक्षण: अगली पीढ़ी की स्पेस टेक्नोलॉजी पर काम
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग: अलग-अलग देशों के एस्ट्रोनॉट्स एक साथ
- स्पेस एजुकेशन: पृथ्वी पर बच्चों और युवाओं को प्रेरित करना
शुभांशु शुक्ला कौन हैं?
- जन्म: 1986, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- शिक्षा: राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA)
- भारतीय वायुसेना में शामिल: 2006
- अनुभव: फाइटर जेट पायलट
- गगनयान मिशन के लिए चयनित
- ट्रेनिंग: रूस और अमेरिका में अंतरिक्ष मिशन की विशेष ट्रेनिंग
ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट कब पहुंचेगा ISS?
AX-4 की फ्लाइट कुल 28.5 घंटे की है और यह 26 जून को शाम 4:30 बजे (भारतीय समय) पर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ जाएगा। रॉकेट से 10 मिनट बाद स्पेसक्राफ्ट अलग हो गया था और अब अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है।मिशन की झलकियाँ
- शुभांशु की लॉन्चिंग के साथ लखनऊ में माता-पिता की भावनात्मक प्रतिक्रिया
- कैनेडी स्पेस सेंटर पर लॉन्च के लिए खड़ा फाल्कन-9 रॉकेट
- कैप्सूल में सवार चारों एस्ट्रोनॉट्स
- पृथ्वी से प्रस्थान और अंतरिक्ष में सटीक दिशा में बढ़ता स्पेसक्राफ्ट