देश-विदेश
भारत-पाकिस्तान मैच का विरोध: देश में गुस्सा और आक्रोश
क्या खेल और देशभक्ति का तादात्म्य सही है?
देशभर में विरोध: क्या मैच हमारी भावनाओं से खिलवाड़ है?
भारत में जहां एक ओर कुछ लोग भारत की जीत के लिए पूजा अर्चना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई परिवार और राजनीतिक नेताओं ने इस मैच के आयोजन का विरोध किया है। शिवसेना उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में टीवी तोड़कर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि केरल में पाकिस्तानी झंडा जलाया गया। इसके अलावा, महाराष्ट्र में महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी को सिंदूर भेजा और BCCI के लिए चंदा मांगा। पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिवारों का कहना है कि "जिनके हाथ खून से सने हैं, उसी से मैच खेलना शर्मनाक है।" जयपुर के पवन सैनी जैसे परिवारों ने भी गहरी पीड़ा व्यक्त की है। पवन सैनी ने कहा, "मेरे 2 साल के बेटे और पत्नी की अर्थी मैंने अपने कंधे पर उठाई थी। कैसे भूल सकता हूं उन आतंकियों को जो पाकिस्तान से आए थे।"क्या खेल के नाम पर पाकिस्तान से मिलकर जश्न मनाना ठीक है?
आम आदमी पार्टी (AAP) और कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने इस मैच का विरोध किया है। दिल्ली के सौरभ भारद्वाज ने कहा, "क्या आपको कुछ भी इंसानियत बची है? ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से मैच खेलना शर्मनाक है।" वहीं, सांसद संजय राउत ने कहा,PM मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध रोक सकते हैं, लेकिन भारत-पाक क्रिकेट मैच नहीं रोक सकते।इन बयानों से यह साफ होता है कि खेल के नाम पर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुद्दा अब एक जटिल राजनीतिक और नैतिक सवाल बन चुका है।