IMD Weather Rainfall Alert Update : मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा में बारिश और हीटवेव की चेतावनी
IMD Weather Rainfall Alert Update : पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। असम में बुधवार को बाढ़ में दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में मानसून की शुरुआत (24 मई) के बाद से मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। 21 जिलों में लगभग 6.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। यह हालात दिखाते हैं कि बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की आवश्यकता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश में भी बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण अब तक 12 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं। इस संकट के कारण, पूर्वोत्तर राज्यों में पिछले 11 दिनों में कुल 49 मौतें हो चुकी हैं। इसमें असम में 19, अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय और मिजोरम में 6-6, सिक्किम में 3, त्रिपुरा में 2 और नगालैंड में 1 व्यक्ति की मौत हुई है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
मानसून अभी महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर रुका हुआ है और उम्मीद है कि यह 10 जून तक मध्य प्रदेश तक पहुंचेगा। हालांकि, राज्य में बारिश का दौर अभी से शुरू हो चुका है। बुधवार को भोपाल, शाजापुर, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार और दमोह में हल्की से मध्यम बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने 6 जून तक राज्य में बूंदाबांदी जारी रहने के संकेत दिए हैं।
राजस्थान में भी मौसम ने करवट ली है
जहां बुधवार को आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने की खबरें आई हैं। इसके चलते बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर राज्य के सभी शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम विभाग ने 22 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, राजस्थान और ओडिशा के कुछ हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट भी है। राजस्थान में 6 जून के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
25 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया
इसके साथ ही ओडिशा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हीटवेव की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में तापमान का बढ़ना नागरिकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में राहत कार्यों की गति को और तेज किया गया है।
इन मौसमी बदलावों के बीच, राहत और बचाव कार्यों की गति तेज करने की आवश्यकता महसूस हो रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा अधिक है।
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