देश-विदेश

शिमला में कहर बरपाता मानसून: पहाड़ दरके, गाड़ियां दबीं, सड़कें बंद!

बरसात की रात: जब पहाड़ पर लोग डरने लगे

रातें शिमला में हमेशा से ठंडी, शांत और सुंदर मानी जाती थीं। पर बीती रात... एक अजीब डर के साथ गुज़री। बाहर बारिश की मोटी परतें जैसे आसमान से टूट रही थीं  और भीतर लोगों के दिलों में अजीब सी बेचैनी। फोन पर एक दोस्त ने बताया: टूटीकंडी में पेड़ गिर गया है... गाड़ी पूरी दब गई। विकासनगर में तो लैंडस्लाइड हुई है। सड़क ही बह गई। मैं कुछ पल के लिए खामोश रह गया। यह वह शिमला नहीं था जिसे हम पर्यटकों को दिखाते हैं यह उस शिमला की कहानी थी जो हर मानसून में अपनी हड्डियाँ चटकता है, पर चुप रहता है।

कई गाड़ियां मलबे के नीचे और एक सवाल ऊपर

जिन इलाकों में लोग कभी वीकेंड्स बिताने आते थे, वहाँ अब मलबा है, टूटी दीवारें हैं, और डर। ISBT के पास, एक घर का गेट और आंगन पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। विकासनगर में लैंडस्लाइड के नीचे एक कार चकनाचूर हो गई। मंडी के जोगनी मोड़ और कैंची मोड़ पर चंडीगढ़-मनाली फोरलेन 10 घंटे बंद रहा। 8:30 बजे सुबह जाकर वन-वे बहाल किया गया। क्या ये वही सड़कें हैं जिन पर हम 'सड़क ट्रिप्स' के सपने देखते हैं?

हिमाचल के आंकड़ों में बर्फ़ नहीं, आँसू हैं

  • अब तक हिमाचल में 229 लोगों की जान जा चुकी है।
  • 36 लोग लापता हैं।
  • 2000+ करोड़ की संपत्ति को नुकसान हुआ है।
  • 499 मकान पूरी तरह जमींदोज।
  • 1955 गौशालाएं, 311 दुकानें, और 157 घर आंशिक रूप से तबाह।

 ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी

कांगड़ा और मंडी में आज ऑरेंज अलर्ट है। इसका मतलब है 115.6mm से 204.4mm बारिश किसी भी वक्त हो सकती है। और हां, 13 को भी यही अलर्ट, 14 को शिमला भी शामिल। 15 अगस्त से थोड़ी राहत की उम्मीद है पर किस कीमत पर?

 बारिश 'ज्यादा' नहीं, 'बेहिसाब' हो गई है

इस बार मानसून ने हिमाचल में 10% ज्यादा बारिश दी है। शिमला में 69% ज्यादा, मंडी में 55%, बिलासपुर 40%... और नीचे की तरफ ऊना में 44% अधिक। पर ये 'अधिकता' अब आशीर्वाद नहीं, अभिशाप जैसी लगने लगी है। Read More :- पाकिस्तान की नई साजिश: गैस, पानी बंद कर भारतीय डिप्लोमैट्स पर दबाव

Watch Now :- #madhyapradesh 4 सालों में हुए 58 हजार से ज्यादा बच्चे गायब!