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GenZ protests: मेक्सिको में भी GenZ आंदोलन तेज़ हो गया... भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ

GenZ protests: नेपाल के बाद अब मेक्सिको में भी GenZ  आंदोलन तेज़ हो गया है। बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ शनिवार को हजारों युवा सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन का केंद्र राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम की सुरक्षा नीतियों और ड्रग कार्टेलों के प्रति नरमी का विरोध था। उरुअपन के मेयर कार्लोस मंज़ो की 1 नवंबर को सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद गुस्सा और भड़क गया। [caption id="attachment_117406" align="alignnone" width="300"] GenZ protests[/caption]

GenZ protests: मनमानी गिरफ्तारियों के आरोप भी सामने आए

प्रदर्शनकारियों ने नेशनल पैलेस की सुरक्षा दीवारें तोड़ दीं और पुलिस पर पत्थर, लाठियां, पटाखे और हथौड़ों से हमला किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। राजधानी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वाजक्वेज के अनुसार 120 लोग घायल हुए, जिनमें 100 पुलिसकर्मी हैं, जबकि 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस द्वारा बल प्रयोग और मनमानी गिरफ्तारियों के आरोप भी सामने आए।

उद्योगपति रिकार्डो सालिनास ने आंदोलन का समर्थन जारी

GenZ  आंदोलन को विपक्षी दलों और विभिन्न आयु वर्ग के समर्थकों का खुला समर्थन मिला है। हालांकि, राष्ट्रपति शेनबाउम ने विपक्ष पर आंदोलन को भड़काने और सोशल मीडिया के जरिए इसे बड़ा दिखाने का आरोप लगाया। कुछ GenZ  इन्फ्लुएंसर ने बाद में प्रदर्शन से समर्थन भी वापस ले लिया, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और उद्योगपति रिकार्डो सालिनास ने आंदोलन का समर्थन जारी रखा।

दंडहीनता के खिलाफ नाराज़

GenZ protests: 1990 के दशक के अंत से 2010 की शुरुआत तक जन्मी युवा पीढ़ी असमानता, लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर है। नेपाल में इसी आंदोलन के चलते पीएम ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। मेक्सिको के युवा सरकार को ‘नार्को-स्टेट’ कहकर निशाना बना रहे हैं और दंडहीनता के खिलाफ नाराज़ हैं।

सरकार को जनता से डरना चाहिए

युवा जापानी कॉमिक ‘वन पीस’ के कैरेक्टर लूफी को आंदोलन का प्रतीक बना रहे हैं। लूफी की खोपड़ी वाली टोपी वाले चिन्ह उनके हाथों में दिख रहे हैं। उनका कहना है कि जैसे लूफी भ्रष्ट शासकों से लोगों को आज़ादी दिलाता है, वैसे ही वे भी अब खामोश नहीं रहेंगे और सरकार को जनता से डरना चाहिए, न कि जनता को सरकार से।