यूपी को मिला विकास का नया कॉरिडोर,पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे का किया उद्घाटन, मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ 6 घंटे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। उद्घाटन से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एक्सप्रेस-वे पर पैदल भ्रमण किया और पौधरोपण भी किया। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा।
इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज का सफर अब 11-12 घंटे की जगह करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह परियोजना पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रक्षा कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है।
12 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों से होकर गुजरता है।इस परियोजना से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और नए निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। सरकार के मुताबिक एक्सप्रेस-वे के किनारे 27 औद्योगिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
एक्सप्रेस-वे की खासियतें क्या हैं?
गंगा एक्सप्रेस-वे कई आधुनिक सुविधाओं से लैस है। सड़क पर रंबल स्ट्रिप बनाई गई हैं, जिससे ड्राइवर को झपकी आने या वाहन के लेन से हटने पर वाइब्रेशन महसूस होगा और हादसों का खतरा कम होगा।शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है, जहां एयरफोर्स के फाइटर जेट्स नाइट लैंडिंग कर सकेंगे। इसे देश की पहली नाइट लैंडिंग एक्सप्रेस-वे एयरस्ट्रिप बताया जा रहा है।हर 75 किलोमीटर पर पेट्रोल पंप, फूड प्लाजा, ट्रॉमा सेंटर, होटल और डॉरमेट्री जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
37 हजार करोड़ की लागत, 5 साल में तैयार
गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास दिसंबर 2021 में किया गया था। करीब 5 साल में यह परियोजना पूरी हुई है। इसे बनाने में लगभग 37,350 करोड़ रुपए की लागत आई है।सरकार के अनुसार एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 18 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। किसानों को सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिया गया। इस परियोजना से आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतों में भी तेजी आई है।
सीएम योगी बोले- यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा एक्सप्रेस-वे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे केवल दूरी कम करने वाला प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था की नई रीढ़ बनने जा रहा है।उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए विकास का नया रास्ता खोलेगा। साथ ही डिफेंस कॉरिडोर और आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी यह परियोजना रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।
किसानों और व्यापारियों को कैसे होगा फायदा?
मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, प्रतापगढ़ का आंवला, अमरोहा का गन्ना और शाहजहांपुर की चीनी अब तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेगी। इससे ट्रांसपोर्ट लागत कम होगी और कारोबार को नई गति मिलेगी।प्रयागराज, रायबरेली और उन्नाव जैसे जिलों में मेडिकल, शिक्षा और इंडस्ट्रियल सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, खासकर संभल और प्रयागराज जैसे शहरों में।