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Fauja Singh Death News: 114 साल की उम्र में पंजाब के महान एथलीट फौजा सिंह का हुआ निधन! PM मोदी ने जताया दुख...

Fauja Singh Death News: दुनिया के सबसे ज्यादा उम्र के एथलीट फौजा सिंह का 114 साल की उम्र में  निधन हो गया। लोग उन्हें टर्बन टॉरनडो के नाम से जानते थे। बताया जा रहा कि वो दोपहर में खाना खाकर जालंधर में सैर करने निकले थे लेकिन अचानक एक अज्ञात वाहन ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। उन्हें तुरंत पास के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई। Read More: SA vs Zin Match Result: साउथ अफ्रीका ने जिम्बाब्वे को 5 विकेट से हराया, ब्रेविस-हरमन ने दिखाया दम!

चालक के खिलाफ मामला दर्ज..

फौजा सिंह के बेटे धरमिंदर सिंह ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया पुलिस आरोपी की जांच में जुटी है। आपको बता दें कि, एथलीट फौजा सिंह अपने बेटे के साथ ब्यास पिंड में रहते थे। और उनके बाकी बच्चो विदेश में रहते थे, जिनके आने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

एथलीट की मौत पर पीएम मोदी ने जताया दुख...

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर एथलीट फौजा सिंह के निधन पर दुख जताते हुए एक्स पर PM ने लिखा कि- "फौजा सिंह जी एक असाधारण व्यक्तित्व थे, जिन्होंने फिटनेस जैसे एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर भारत के युवाओं को प्रेरित करने के अपने अनोखे अंदाज और जीवनशैली से मिसाल कायम की। वे अद्भुत संकल्पशक्ति वाले एक महान खिलाड़ी थे।"

सैर पर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे...

परिजनों ने बताया कि हरबिंदर सिंह सोमवार दोपहर करीब 3 बजे खाना खाने के बाद टहलने के लिए निकले थे। हाईवे पर पहुंचते ही उन्हें एक अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। हादसे में उनके सिर, छाती और पसलियों पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

फौजा सिंह के पास थी इंग्लैंड की नागरिकता...

सूत्रो के अनुसार, फौजा सिंह मूल रूप से जालंधर के रहने वाले हैं और इंग्लैंड की नागरिकता भी रखते हैं। कोरोना महामारी के बाद से वह विदेश यात्रा कम ही करते थे। इन दिनों वह अपने छोटे बेटे हरबिंदर सिंह और बहू के साथ जालंधर में रह रहे थे। उनके दूसरे बेटे और बेटी यूके और कनाडा में बसे हुए हैं।

आरोपी कार चालक की तलाश जारी..

आदमपुर थाने के SHO हरदेव सिंह ने बताया कि - हादसे की सूचना उन्हें फौजा सिंह के बेटे ने दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। अभी तक उस कार की पहचान नहीं हो पाई है, जिसने हरबिंदर सिंह को टक्कर मारी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और जांच तेज़ कर दी गई है।

80 की उम्र में शुरु किया था दौड़ना...

फौजा सिंह का जन्म 1911 में जालंधर जिले के ब्यास पिंड में हुआ था। 1992 में उनकी पत्नी और बड़ी बेटी की मृत्यु हो गई थी फिर 1994 में एक एक्सीडेंट में उनके एक बेटे की भी मौत हो गई, जिसके बाद उन्हें सदमा लग गया। फिर कुछ समय बाद 1995 में उन्होंने फिर से दौड़ने का संकल्प लिया। और ट्रेनिंग के बाद 90 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैराथान दौड़ना शुरु कर दिया था। और उन्होंने सन 2000 में अपनी पहली दौड़ लंदन मैराथन में पूरी की थी।

एक कार्यक्रम में फौजा सिंह अपने पिंड को सबकुछ बताते हुए कहा था कि-

"पिंड (गांव) मेरे लिए सबकुछ है। मैं यहीं पैदा हुआ, यहीं पला-बढ़ा। इसे कैसे छोड़ दूं? पिछले साल कनाडा गया था। वहां बीमार हो गया तो डर गया कि कहीं वापस ही ना जा पाऊं। मेरा सपना है- ‘मरां तां अपणे देश विच मरां, अपणे पिंड विच मरां।"

94 की उम्र में ब्रिटेन के तोड़े रिकॉर्ड...

फौजा सिंह उम्र के साथ - साथ हौसले में भी बेजोड़ रहें। उन्होंने साल 2004 में 93 की उम्र में लंदन मैराथन को 6 घंटे 54 मिनट में पूरा किया। यह रिकॉर्ड 90 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के किसी मैराथान द्वारा दर्ज अब तक के सर्वश्रेष्ठ समय से 58 मिनट तेज था। 94 साल की उम्र में उन्होंने 200 मीटर से 3000 मीटर तक की दौड़ों में ब्रिटेन के रिकॉर्ड तोड़े।