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देवेंद्र फडणवीस-राज ठाकरे की गुप्त बैठक से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल
fadnavis raj thackeray meeting : शिवसेना (UBT) और मनसे गठबंधन पर लग सकता है ब्रेक
? मुख्य बातें:
- फडणवीस और राज ठाकरे की 1.5 घंटे की बैठक ने खड़े किए राजनीतिक सवाल
- उद्धव ठाकरे ने हाल ही में दिए थे मनसे से गठबंधन के संकेत
- शिवसेना (UBT) और मनसे का प्रदर्शन 2024 चुनावों में बेहद खराब
- गठबंधन की संभावनाओं पर फिलहाल विराम लग सकता है(fadnavis raj thackeray meeting)
? महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदलते हुए
महाराष्ट्र में गुरुवार को एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की करीब डेढ़ घंटे लंबी बंद कमरे में मीटिंग मुंबई के ताज लैंड्स एंड होटल में हुई। इस मुलाकात की कोई आधिकारिक सूचना पहले नहीं दी गई थी, और यह फडणवीस के शेड्यूल में भी शामिल नहीं थी। यही कारण है कि इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात के बाद शिवसेना (UBT) और मनसे के संभावित गठबंधन पर ब्रेक लग सकता है, जिसे हाल ही में उद्धव ठाकरे ने संकेतों में स्वीकारा था।? क्या टूटेगा उद्धव-राज ठाकरे का संभावित गठबंधन?
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 6 जून को एक सार्वजनिक बयान में कहा था:"जनता जो चाहेगी, वही होगा।"इस बयान को मनसे के साथ संभावित गठबंधन के संकेत के रूप में देखा गया था। लेकिन अब जब राज ठाकरे सीधे बीजेपी नेता और राज्य के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं, तो ये गठबंधन खटाई में पड़ता दिख रहा है।
? 2024 के चुनावी आंकड़े: क्यों जरूरी था गठबंधन?
| पार्टी | 2024 में सीटें | स्थिति |
|---|---|---|
| शिवसेना (UBT) | 20 सीटें | कमजोर प्रदर्शन |
| मनसे | 0 सीट | खाता भी नहीं खुला |
? उद्धव और राज ठाकरे: भाई-भाई से प्रतिद्वंद्वी बनने तक का सफर
?? 1989: राजनीति में राज ठाकरे की एंट्री
राज ठाकरे ने शिवसेना की छात्र इकाई भारतीय विद्यार्थी सेना से राजनीति में प्रवेश किया। 1989 से 1995 के बीच उन्होंने महाराष्ट्र का व्यापक दौरा किया और युवाओं को शिवसेना से जोड़ा।⚔️ 2003-2005: सत्ता संघर्ष की शुरुआत
- 2003 में महाबलेश्वर अधिवेशन में बालासाहेब ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया।
- राज ठाकरे इस फैसले से असंतुष्ट थे। उन्होंने पूछा था, “मेरा और मेरे लोगों का क्या?”
? 2005: शिवसेना से विदाई
राज ठाकरे ने 27 नवंबर 2005 को अपने घर के बाहर समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा:"मेरा झगड़ा मेरे विट्ठल से नहीं, उसके आसपास के पुजारियों से है।" "बालासाहेब मेरे भगवान थे, हैं और रहेंगे।"
?️ 2006: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की स्थापना
- 9 मार्च 2006 को शिवाजी पार्क में राज ठाकरे ने MNS का गठन किया।
- उन्होंने इसे "मराठी मानुष की पार्टी" बताया और कहा, “अब महाराष्ट्र पर हमारी पार्टी राज करेगी।”
? मौजूदा सियासी समीकरण: BJP को क्यों चाहिए MNS?
भाजपा को मराठी वोट बैंक में मजबूत पकड़ बनाने के लिए मनसे की जरूरत हो सकती है। राज ठाकरे के भाषणों और जनाधार में अभी भी एक खास वर्ग के बीच पकड़ है, खासकर मुंबई और ठाणे बेल्ट में। इसलिए:- फडणवीस और राज की मुलाकात को सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट मानना मुश्किल है।
- यह गठबंधन भाजपा के लिए शहरी क्षेत्रों में समर्थन बढ़ाने का मौका बन सकता है।
? भविष्य की राजनीतिक दिशा क्या हो सकती है?
- अगर राज ठाकरे BJP के साथ जाते हैं, तो मनसे-शिवसेना (UBT) गठबंधन की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
- उद्धव ठाकरे की रणनीति पर भी इसका असर होगा क्योंकि वह विपक्षी गठबंधन (INDIA) का हिस्सा हैं।
- 2025 के निकाय चुनाव और 2029 के विधानसभा चुनावों के लिए नई ध्रुवीकरण की शुरुआत हो सकती है।