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UN मंच से फिर कश्मीर राग! एर्दोगन बोले- भारत-पाक को चाहिए सुरक्षा परिषद की मदद

 भारत ने सख्त लहजे में दी चेतावनी

erdogan un speech on kashmir: भारत बोला- जम्मू-कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है

तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से कश्मीर मुद्दे को हवा दी है। मंगलवार को UNGA के 80वें सत्र में उन्होंने कहा कि
 भारत-पाकिस्तान को बातचीत से मसले का हल निकालना चाहिए और जरूरत पड़े तो UN सुरक्षा परिषद की मदद लेनी चाहिए।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया:

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा
 जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। किसी तीसरे देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। बेहतर होता कि तुर्किये आतंकवाद पर चिंता जताता, जो कश्मीर की शांति में असली बाधा है।

 ये एर्दोगन की कितनी बार की कोशिश है?

साल मंच एर्दोगन की टिप्पणी
2019 UNGA कश्मीर को UN की निगरानी में रखने की मांग
2020 UNGA भारत में "अन्याय" की बात कही
2021 UNGA कश्मीर में "स्थायी समाधान" की मांग
2022 UNGA "भारत-पाक बात करें" की सलाह
2023 UNGA पाकिस्तान की तारीफ, कश्मीर का जिक्र
2025 UNGA UNSC की मदद से हल निकालने की बात
(2024 में एर्दोगन ने कोई टिप्पणी नहीं की थी)

 सिर्फ बात नहीं, कार्रवाई भी!

एर्दोगन ने मई 2025 में पाकिस्तान को समर्थन देते हुए ड्रोन और हथियार भेजने का वादा किया, ट्रेंड सैनिकों की मदद देने की बात कही खुफिया सहयोग, एनर्जी, और डिफेंस टेक्नोलॉजी साझा करने की हामी भरी
  24 मई 2025 को इस्तांबुल में एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ की मुलाकात हुई, जहां कश्मीर पर खुलकर समर्थन जताया गया।

 OIC ने भी दोहराई वही पुरानी मांगें

23 सितंबर को OIC (इस्लामिक सहयोग संगठन) की जम्मू-कश्मीर पर ‘कॉन्टैक्ट ग्रुप’ बैठक न्यूयॉर्क में हुई। इसमें
  • कश्मीरी नेताओं की रिहाई की मांग
  • कठोर कानूनों को हटाने की अपील
  • UN प्रस्तावों को लागू करने की वकालत
  • LoC पर हालात की जांच के लिए OIC ह्यूमन राइट्स कमीशन को भेजने की मांग
?? पाक प्रतिनिधि ने कहा- “भारत ज़ुल्म कर रहा है।” ??, ??, ??, ?? देशों ने कश्मीरियों के समर्थन में बयान दिया।

 गाजा और इजराइल पर एर्दोगन का आक्रामक रुख

एर्दोगन ने अपने भाषण में गाजा में इजराइल की कार्रवाई को "नरसंहार" बताया गाजा में हर घंटे एक बच्चा मारा जा रहा है, ये आंकड़े नहीं, इंसानी जिंदगियां हैं। साथ ही उन्होंने फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग की इजराइल के सीरिया, ईरान, यमन और कतर में हमलों की निंदा की

 भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती या सिर्फ दिखावा?

एर्दोगन के बयानों का पाकिस्तान में तो जोरदार स्वागत होता है, लेकिन भारत इसे लगातार ‘आंतरिक मामले में हस्तक्षेप’ करार देता रहा है। भारत के लिए चिंता की बात यह है कि OIC जैसे मंच पर पाकिस्तान को समर्थन मिल रहा है तुर्किये पाकिस्तान को हथियार और कूटनीतिक ताकत दे रहा है UN मंच का बार-बार राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है