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ऑपरेशन सिंदूर: पाक एजेंट DRDO अधिकारी बनकर करता था जासूसी
पाक एजेंट ने DRDO अधिकारी बनकर कॉल की, DRDO मैनेजर गिरफ्तार
बिलकुल, यहां एक संपूर्ण ब्लॉग पोस्ट है जो SEO-अनुकूल भी है और पाठकों के लिए पूरी जानकारी देती है। यह ब्लॉग “पाकिस्तानी एजेंट द्वारा DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर से जासूसी” के हालिया मामले पर आधारित है, 5 अगस्त 2025 को राजस्थान के जैसलमेर से आई एक खबर ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया। DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) के गेस्ट हाउस में तैनात मैनेजर महेंद्र प्रसाद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, महेंद्र पिछले 5 वर्षों से एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था, जो खुद को फर्जी DRDO अधिकारी बताकर संवेदनशील जानकारी हासिल करता था।कैसे हुआ जासूसी का खुलासा?
महेंद्र को साल 2020 में एक भारतीय नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को DRDO का अधिकारी बताया और गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अधिकारियों की जानकारी मांगी। उस समय महेंद्र को शक नहीं हुआ, क्योंकि फोन पर TRUECALLER में भी कॉलर का नाम 'DRDO Officer' दिख रहा था। इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा। हर बार पाकिस्तानी एजेंट नए-नए बहाने बनाकर DRDO, सेना और वैज्ञानिकों की आवाजाही की जानकारी WhatsApp पर मांगता रहा। महेंद्र भी बेझिझक लिस्ट और जानकारी साझा करता रहा।ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी रहा संपर्क में
2025 में जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा और सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया, तब भी पाकिस्तानी एजेंट सक्रिय था। उसने गेस्ट हाउस में आने वाले DRDO वैज्ञानिकों की सूची मंगवाई और हथियार परीक्षण संबंधी गतिविधियों के बारे में सवाल पूछे। यह जानकारी सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।DRDO गेस्ट हाउस कैसे बना जासूसी का केंद्र?
पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज के पास स्थित DRDO का यह गेस्ट हाउस सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां अक्सर:- DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिक
- सेना के उच्च अधिकारी
- हथियार परीक्षण में शामिल विशेषज्ञ