देश-विदेश

देश के चार राज्यों में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव: गुजरात में कम मतदान, परिणाम 23 जून को

By-elections in Gujarat: देश के चार राज्यों—गुजरात, पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल—की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। इनमें गुजरात की दो सीटें (विसावदर और कडी), जबकि पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल की एक-एक सीट शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ और शाम 6:30 बजे तक चला। सभी सीटों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और VVPAT का उपयोग किया गया। सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की भारी तैनाती थी, साथ ही अधिकांश मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था थी। चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना 23 जून को होगी। यह उपचुनाव स्थानीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह राष्ट्रीय और विपक्षी INDIA गठबंधन के लिए एक परीक्षा की तरह है।

विसावदर और कडी सीटों पर कम मतदान

गुजरात की विसावदर और कडी विधानसभा सीटों पर मतदान अपेक्षाकृत कम रहा। विसावदर में 54.61% और कडी में 54.49% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। दोनों सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार मैदान में थे। कम मतदान ने राजनीतिक दलों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह मतदाताओं की उदासीनता या स्थानीय मुद्दों पर असंतोष का संकेत हो सकता है। [caption id="attachment_89150" align="alignnone" width="371"] विसावदर और कडी सीटों पर कम मतदान[/caption]

By-elections in Gujarat: BJP विधायक के निधन के बाद उपचुनाव

कडी विधानसभा सीट, जो अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, फरवरी 2025 में BJP विधायक करसनभाई पंजाभाई सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई थी। इस उपचुनाव में BJP ने राजेंद्र छावड़ा को उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक रमेश चावड़ा और AAP ने जगदीश चावड़ा को मैदान में उतारा। कडी में दलित समुदाय की वोटिंग पैटर्न पर सभी की नजर थी, क्योंकि यह क्षेत्र सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। त्रिकोणीय मुकाबले ने इस सीट को और रोचक बना दिया।

BJP में शामिल होने से विवाद

विसावदर सीट दिसंबर 2023 में उस समय खाली हुई, जब AAP विधायक भूपेंद्रभाई गंडूभाई भायानी ने इस्तीफा देकर BJP का दामन थाम लिया। इस उपचुनाव में BJP ने किरीट पटेल को उम्मीदवार बनाया, जबकि AAP ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को मैदान में उतारा। कांग्रेस ने नितिन रणपरिया को टिकट दिया। 2022 में BJP के हारे हुए प्रत्याशी हर्षद रीबडिया ने भायानी की जीत को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन मार्च 2025 में याचिका वापस लेने के बाद उपचुनाव का रास्ता साफ हुआ। इस सीट पर AAP और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया। स्थानीय मुद्दों और दल-बदल की राजनीति ने इस सीट को चर्चा का केंद्र बनाया।