बिहार बना देश का पहला राज्य, चुनाव आयोग ने बताया बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार को ऐलान किया कि बिहार देश का पहला राज्य बन गया है जहां हर मतदान केंद्र पर 1,200 से कम मतदाता होंगे। इस बदलाव का मकसद मतदाताओं की लंबी कतारों से बचाव और चुनावी प्रक्रिया को सुगम बनाना है।
12,817 नए मतदान केंद्र जोड़े गए
ECI ने बताया कि बिहार में कुल 12,817 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिसके बाद अब राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 90,712 हो गई है, जो पहले 77,895 थी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक न हो। पहले यह सीमा 1,500 मतदाताओं तक थी, जिसे अब कम कर दिया गया है।
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बिहार की तरह अब पूरे देश में होगी वोटर लिस्ट की गहन जांच, चुनाव आयोग ने की पूरी तैयारी[/caption]
क्या बोले चुनाव आयोग के अधिकारी?
चुनाव आयोग ने इस बदलाव को "बिहार की एक ऐतिहासिक उपलब्धि" बताया और कहा कि यह दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उदाहरण बनना चाहिए। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत, ECI ने 24 जून को एक आदेश जारी कर यह सीमा निर्धारित की थी। आयोग ने यह भी कहा कि यह कदम शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मतदाताओं को बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
वोटर लिस्ट अपडेट को लेकर मिशन मोड में काम
चुनाव आयोग ने बताया कि अभी तक 7.16 करोड़ मतदाताओं ने अपने प्री-प्रिंटेड एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए हैं। हालांकि, 29.62 लाख मतदाताओं के फॉर्म अब तक नहीं मिले हैं, और 43.93 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले।
इस स्थिति से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने सभी CEO, DEO, ERO, BLO अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बाकी मतदाताओं से संपर्क करें। इसके लिए 1.5 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को सक्रिय किया गया है।
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BJP Raises Concerns Over Burqa Voters[/caption]
राजनीतिक पार्टियों से सहयोग की अपील
ECI ने राज्य की 12 प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से आग्रह किया है कि वे अपने डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट्स और BLAs के जरिए संपर्क स्थापित करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से वंचित न रह जाए।
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 1 अगस्त को होगा प्रकाशित
चुनाव आयोग ने कहा कि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होगा। इसके बाद कोई भी नागरिक उसमें नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आपत्ति दर्ज करा सकेगा। यह प्रक्रिया SIR आदेश दिनांक 24 जून के अनुसार की जाएगी और इसमें पारदर्शिता और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
बिहार ने एक नया मानक स्थापित किया
बिहार का यह कदम देशभर में चुनाव सुधारों की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। इससे न सिर्फ मतदाताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि लोकतांत्रिक भागीदारी को भी मजबूती मिलेगी। ECI का कहना है कि बाकी राज्यों को भी अब इस मॉडल को अपनाने की दिशा में काम करना चाहिए।