नतीजों के बाद बंगाल में हिंसा ! दफ्तर जले, मूर्तियां टूटीं, जाने कहां-कहां, क्या हुआ
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। आसनसोल से लेकर कोलकाता तक हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तरों को निशाना बनाया गया, जबकि मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
चुनाव के बाद भड़की इस हिंसा में अब तक दोनों प्रमुख दलों बीजेपी और TMC के कार्यकर्ताओं की मौत की खबर भी सामने आई है। हालात को देखते हुए चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं।
कहां-कहां भड़की हिंसा, क्या हुआ?
आसनसोल में TMC पार्षद के दफ्तर में आग लगा दी गई, जिससे आसपास की दुकानें भी प्रभावित हुईं। वहीं कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में बुलडोजर के साथ पहुंचे लोगों ने कथित तौर पर पार्टी कार्यालय और दुकानों में तोड़फोड़ की।मुर्शिदाबाद के जियागंज में दशकों पुरानी लेनिन की प्रतिमा को गिरा दिया गया, जिससे सियासी विवाद और गहरा गया। नदिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा TMC कार्यालय पर कब्जे की भी घटना सामने आई है।
आरोप-प्रत्यारोप तेज
TMC ने आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने संगठित तरीके से हिंसा को अंजाम दिया और ‘बुलडोजर राजनीति’ लागू की जा रही है। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटनाओं में उनके कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं है।दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
दो मौतें, कई घायल तनाव चरम पर
बीरभूम और न्यू टाउन में हुई हिंसक झड़पों में एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो चुकी है। कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में डर का माहौल है। कई इलाकों में दुकानों को बंद करना पड़ा और पुलिस बल तैनात किया गया है।
चुनाव आयोग सख्त
चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की हिंसा को तुरंत रोका जाए।मुख्य चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों को लगातार गश्त करने, उपद्रवियों को तुरंत गिरफ्तार करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के आदेश दिए हैं।