देश-विदेश
दवा या ज़हर: 2 साल से कम उम्र के बच्चों को न दें कफ सिरप, सरकार ने दी सख्त चेतावनी
जानिए क्यों और क्या है इससे जुड़ी सच्चाई
क्या सच में सिरप में ज़हर था? या ये एक डर की लहर है?
सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या इन सिरप में कोई ज़हरीला रसायन था? सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, कफ सिरप के सैंपल की जांच में कोई खतरनाक केमिकल जैसे डाइएथिलीन ग्लाइकोल या एथिलीन ग्लाइकोल नहीं मिला। NIV, NCDC और CDSCO जैसी एजेंसियों ने जांच की और यह साफ किया कि सीधे तौर पर इन सिरप से मौतें जुड़ी नहीं हैं। Read More:- जिंदगी में होना है सफल तो घर के वास्तु में करें छोटा सा बदलाव हालांकि, तमिलनाडु में एक कफ सिरप बैच (SR-13) में 48.6% DEG पाया गया, जो बेहद खतरनाक है। राज्य सरकार ने तुरंत उस सिरप के उत्पादन और बिक्री पर बैन लगा दिया। यह दिखाता है कि अब सिस्टम तेजी से रिस्पॉन्ड कर रहा है पर खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।माता-पिता के लिए चेतावनी नहीं, जिम्मेदारी का समय है
स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी में सिर्फ चेतावनी नहीं है, एक संदेश है “हर खांसी पर सिरप ज़रूरी नहीं होता।”baby cough syrup advisory india: विशेषज्ञों ने कहा है कि-
- 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना ही नहीं चाहिए।
- अगर देना भी हो तो कड़ाई से डॉक्टरी निगरानी, सही डोज और कम समय के लिए ही दें।
- किसी अन्य दवा के साथ सिरप मिक्स न करें।