ajmer hotel fire tragedy 2025 : अजमेर होटल में आग : माँ ने बच्चे को खिड़की से फेंका बचाया!
ajmer hotel fire tragedy 2025 : अजमेर के डिग्गी बाजार स्थित नाज होटल में सुबह आठ बजे आग लगने से चार लोग जिंदा जल गए, जिनमें एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। इस दुर्घटना में एक महिला भी शामिल है। डेढ़ साल के बच्चे समेत चार लोग घायल हो गए, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
माँ का साहसिक कार्य
आग की भयावहता में एक माँ ने अपने बच्चे को खिड़की से बाहर फेंककर बचाया। बच्चे को मामूली जलने की चोटें आई हैं, लेकिन वह सुरक्षित है। आग तेजी से फैलती गई और होटल की पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई। होटल में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ठहरे हुए थे, जिन्होंने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।
घायलों की हालत
जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल समारिया ने बताया कि आठ झुलसे हुए लोगों को अस्पताल लाया गया था। उनमें से चार की मृत्यु हो गई। चार घायलों की हालत गंभीर है। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। 15 लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। अस्पताल में भर्ती होने वाले चार में से एक व्यक्ति 100 प्रतिशत जला हुआ है, जबकि शेष तीन लोग 50 और 60 प्रतिशत जले हुए हैं।
अग्निशमन और पुलिस की भूमिका
अग्निशमन और पुलिस कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, आग की भयावहता के कारण कई कर्मियों का स्वास्थ्य बिगड़ गया है। उन्होंने जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और कई लोगों को सुरक्षित निकाला।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस दुर्घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। क्या होटल में आग से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था थी? क्या आपातकालीन निकास मार्ग सुलभ थे? ये सवाल अब जांच के दायरे में आ गए हैं।
अजमेर के नाज होटल में हुई आग की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। चार लोगों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने से यह दुर्घटना एक बड़ी ट्रेजेडी बन गई है। अग्निशमन और पुलिस कर्मियों के साहस और तत्परता के बावजूद, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
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