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IAF का 93वां वायुसेना दिवस: ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने रचा इतिहास!
सिर्फ 4 दिन में पाकिस्तान को धूल चटाई
जब आसमान गूंजा ‘जय हिंद’ से और दुश्मन चुपचाप पीछे हट गया – ये है ऑपरेशन सिंदूर की कहानी
Airforce Day : 8 अक्टूबर 2025, हिंडन एयरबेस, गाजियाबाद — सुबह की हवा में ठंडक थी, लेकिन आसमान में जोश और गर्व की गर्मी थी। भारतीय वायुसेना का 93वां स्थापना दिवस अपने चरम पर था। परेड, तिरंगे से लहराते फाइटर जेट्स और गर्व से तने सीने... लेकिन इस बार सिर्फ परेड नहीं थी, एक इतिहास का जश्न भी था ऑपरेशन सिंदूर का।सिर्फ 4 दिन... और दुश्मन पस्त
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की आवाज़ गर्व से भरी थी जब उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि योजना, अनुशासन और आत्मनिर्भरता से हम कुछ भी कर सकते हैं। सिर्फ 4 दिन में हमने दुश्मन की कमर तोड़ दी। ये शब्द सुनकर वहां मौजूद हर वायुवीर की आंखों में चमक थी। पाकिस्तान की ओर से हुई घुसपैठ को जिस सटीकता और रफ्तार से रोका गया, वो मिसाल बन गया है।Airforce Day: ऑपरेशन सिंदूर: एक नाम, कई कहानियां
ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी। ये उस मज़दूर का गर्व था, जिसने HAL में विमान के पार्ट्स बनाए। ये उस वैज्ञानिक का सपना था, जिसने स्वदेशी मिसाइलें डिजाइन कीं। और ये उस पायलट की हिम्मत थी, जिसने देश के लिए मौत की आंखों में झांकने से भी परहेज़ नहीं किया। Read More:- जिंदगी में होना है सफल तो घर के वास्तु में करें छोटा सा बदलावAirforce Day: वीरता का सम्मान और आकाश की सलामी
इस खास मौके पर 97 वीरता पुरस्कार दिए गए। इनमें कई नाम ऐसे थे, जिन्हें शायद ही आम लोग जानें – लेकिन जिनके कारण आज हम चैन से सोते हैं। मिग-21 को भी आखिरी बार सेंट्रल डिस्प्ले में रखा गया। 60 साल की सेवा, और कितने ही युद्धों की यादें लिए ये विमान अब इतिहास बन चुका है, लेकिन उसका पराक्रम कभी भूला नहीं जाएगा।Airforce Day: सक्षम, सशक्त, आत्मनिर्भर – सिर्फ थीम नहीं, नई वायुसेना की पहचान
इस साल की थीम थी सक्षम, सशक्त, आत्मनिर्भर और सच कहें, तो आज की भारतीय वायुसेना इससे बेहतर किसी शब्द में नहीं समाई जा सकती। सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी, और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की मौजूदगी ने इस जश्न को और भी ऐतिहासिक बना दिया।Airforce Day: प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
भारतीय वायुसेना सिर्फ एक फोर्स नहीं, राष्ट्र की हिम्मत है। उनकी बहादुरी, अनुशासन और समर्पण हर भारतीय को गर्व से भर देता है।