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हिजाब विवाद पर AIMIM नेता का तीखा बयान: इम्तियाज जलील बोले- गलत नीयत से छुआ तो हाथ काट देंगे

Imtiaz Jaleel on Hijab Row: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज़ हो गई है, निकाय चुनावों के बीच AIMIM के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का एक बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है । AIMIM नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील शनिवार को महाराष्ट्र के जालना में नगर निकाय चुनावों के प्रचार में जुटे थे इसी दौरान उन्होंने हिजाब विवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाया, जनसभा को संबोधित करते हुए जलील ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मुस्लिम महिलाओं को गलत नीयत से छूने की कोशिश करता है. तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उनका बयान तीखे शब्दों में था, जिसने मंच से नीचे तक चर्चा को जन्म दे दिया । Read More:- 1 जनवरी से बदल जाएगी रेल यात्रा की रफ्तार: सफर होगा तेज और आसान

Imtiaz Jaleel on Hijab Row: “धर्मनिरपेक्षता की बातें, लेकिन मुसलमानों पर चुप्पी”

इम्तियाज जलील ने सिर्फ एक घटना पर नहीं बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र पर सवाल खड़े किए  उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक कई दल खुद को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं, लेकिन जब बात मुसलमानों के अधिकारों की आती है, तो वही पार्टियां पीछे हट जाती हैंउन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल गुंडों और आपराधिक तत्वों को संरक्षण देते हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों के साथ खड़े होने से बचते हैं. यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक पहचान और महिलाओं की गरिमा को लेकर बहस तेज़ है ।

किन घटनाओं के बाद आया बयान?

इम्तियाज जलील का यह बयान हाल ही में सामने आई कुछ घटनाओं से जुड़ा माना जा रहा हैइनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक विवाद और उस पर उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद की टिप्पणी शामिल है. इन घटनाओं के बाद हिजाब को लेकर सियासी बयानबाज़ी और तेज़ हो गई है ।

“तो फिर एक महीने तक घड़ी मत पहनिए”

जालना में ही इम्तियाज जलील ने एक और बयान देकर राजनीतिक कटाक्ष किया।दरअसल महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने मकर संक्रांति का हवाला देते हुए AIMIM के ‘पतंग’ चुनाव चिन्ह पर आपत्ति जताई थी इस पर जवाब देते हुए जलील ने कहा
अगर ऐसा तर्क है, तो फिर शिवसेना और बीजेपी नेताओं को भी एक महीने तक ‘घड़ी’ नहीं पहननी चाहिए
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान सीधे तौर पर महायुति की सहयोगी एनसीपी के ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर तंज था, जो इस बार अलग चुनाव लड़ रही है 15 जनवरी को जालना में होने वाले नगर निगम चुनाव में AIMIM के 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में इम्तियाज जलील के तीखे बयान यह साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और गर्म होने वाला है।