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अहमदाबाद: पुरी तक जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आगाज, अमित शाह ने की मंगला आरती

amit shah mangla aarti puri 2025: रथयात्रा की शुरुआत

amit shah mangla aarti puri 2025: आज 27 जून 2025 को अहमदाबाद में जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर से 148वीं रथयात्रा हर्षोल्लास के साथ शुरू हुई। सुबह 5–6 बजे के बीच तीनों भगवान—जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा—को पालकी से रथ पर विराजित किया गया। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह में मंगला आरती की और रथयात्रा की आध्यात्मिक शुरुआत की।

भूपेंद्र पटेल की ‘पांहिंद विधि’: सोने की झाड़ू से किया स्वागत

गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने ‘पांहिंद विधि’ निभाते हुए सोने की झाड़ू से रथ मार्ग को शुद्ध किया। यह परंपरा प्रेम, सम्मान और अतिथ्य का प्रतीक मानी जाती है। रथ सुबह 7 बजे निकल पड़ा, जो पूरे शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़रेगा।

सुरक्षा इंतजाम: हाई‑टेक और जवानों की भारी तैनाती

  • 24,000 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी, 300 CCTV कैमरे, 60 ड्रोन, और GPS ट्रैकिंग स‍िस्टम
  • एडवांस AI‑निगरानी, बॉडी कैमरे, हेल्थ बूथ और इमरजेंसी वाहनों सहित व्यापक व्यवस्था
  • ट्रैफिक नियंत्रण के लिए 1,000 कर्मचारी, 23 क्रेन और 44 PA सिस्टम्स शामिल

पुरी की रथयात्रा: दोपहर 1 बजे भगवान रथ में विराजमान

ओडिशा के पुरी मंदिर में भी आज दोपहर 1 बजे जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर बैठेंगे।
  • सुबह 6 बजे शुरू हुई मंगलारती और खिचड़ी भोग की रस्म
  • 3 PM बजे पुरी राजपरिवार के गजपति दिव्य सिंह देव ने सोने की झाड़ू से रथ की पूजा की
  • रथ गुंडिचा मंदिर तक लगभग 3 किलोमीटर चलेंगे, और शहर को आकर्षक रूप से सजाएंगे ।

 उदयपुर की खास रथयात्रा: 80 किलो चांदी का रथ

राजस्थान के उदयपुर में जगन्नाथ मंदिर से चांदी का 80 किलो वजन वाला रथ निकलेगा:
  • सुबह 5 बजे मंगला आरती
  • दोपहर 3 बजे रथयात्रा, जो करीब 7–8 किलोमीटर चलेगी
  • इस उत्सव में जत्थों में भगवान की शोभा और भक्तों की भीड़ दिखेगी।

रथयात्रा: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उत्सव

  • कोलकाता में भी रथयात्रा, पुरी की परंपराओं पर आधारित
  • पश्चिम बंगाल के दीघा में पहली बार जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन, CM ममता बनर्जी भी शामिल होंगी
  • पुरी की यात्रा में लगभग 4–5 लाख श्रद्धालु शामिल होते हैं, जो ये 9‑दिवसीय महापर्व देखते हैं ।

 श्रद्धालुओं के लिए रोचक पहल: रथ के पुर्जों की नीलामी

पुरी रथयात्रा के बाद रथ के पहिए, भुज, प्रभा आदि पुर्ज़ों की नीलामी होती है।
  • सरकार द्वारा ऑनलाइन नीलामी: जगन्नाथ का पहिया ~₹3 लाख, सुभद्रा का ~₹1.5 लाख, और भुज ~₹15,000 में बिक्री होती है ।
  • बची लकड़ी से महाप्रसाद पकाने में मदद मिलती है।

आस्था का उत्सव और आधुनिक सुरक्षा का मिश्रण

आज की रथयात्रा सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि ये संस्कृति, सुरक्षा तकनीक और जन-आस्था का संगम है। अमित शाह की आरती से शुरू होकर भूपेंद्र पटेल की झाड़ू तक, और पुरी‑उदयपुर‑दीघा की यात्रा… पूरा देश भगवान जगन्नाथ को श्रद्धा और श्रद्धालुओं को रौशन करता नजर आ रहा है। ➡️ आप किस जगह की रथयात्रा देखना चाहते हैं? अहमदाबाद, पुरी, उदयपुर या दीघा? कमेंट्स में जरूर बताएं!