13 साल की उम्र और 32 दरिंदें..ऐसे खुली श्रीगंगानगर कांड की परतें
13 साल की उम्र और 32 दरिंदें…राजस्थान के श्रीगंगानगर से मानवता को तार-तार कर देने वाली घटना सामने आई। भरोसे का कत्ल कर दिया गया और हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। 3 अलग-अलग होटलों में मासूम को 32 दरींदों के सामने परोसा गया।
भरोसा करने की सजा
18 जून 2026..ये वहीं दिन था जब 13 साल की बच्ची अपनी दोस्त के घर जाने के लिए निकली थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्दी ही लौट आएगी, लेकिन अचानक बच्ची गायब हो गई। वो लौटकर घर नहीं आई। जब बच्ची घर से निकली तो रामबाबू नाम का एक ई-रिक्शा ड्राइवर उसे मिल गया। उसने बच्ची को बातों ही बातों में विश्वास में ले लिया और उसे घर छोड़ने का भरोसा दिया। बच्ची उसके साथ ई रिक्शा में बैठ गई। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में उसकी जिंदगी बदलने वाली है।
एक पल में बदली बच्ची की जिंदगी
रामबाबू उसे घर पहुंचाने के बजाय एक होटल में ले गया, और उसे एक होटल संचालक को बेच दिया। बताया जा रहा है कि इसके बदले रिक्शा चालक को अच्छे खासे पैसे मिले। अब वो मासूम ऐसे जाल में फंस चुकी थी, जहां से निकलना उसके लिए नामुमकिन सा हो गया। बच्ची को सबसे पहले 'होटल जॉय इन' ले जाया गया। इसके बाद अगले कई दिनों तक उसे एक होटल से दूसरे होटल में ले जाया जाता था और उसकी आबरू लूटी जाती रही।
30 से ज्यादा लोगों ने लूटी आबरू
इसके बाद 5 दिनों में मासूम को 30 से ज्यादा लोगों के सामने परोसा गया। दिन के वक्त भी कई कई लोग उसके साथ रेप करते थे। कहा जाए तो उसके साथ लगातार गैंग रेप होता रहा। दरिदों ने मौका मिलते ही उसके साथ दरिंदगी की। जब दरिंदगी के दौरान वो बच्ची दर्द से तड़पती थी, या थक जाती थी तब उसे शांत करने और सुलाने के लिए जबरन शराब पिलाई जाती थी। और फिर से उसकी इज्जत को तार तार किया जाता। होटल मालिकों कई लोगों को बच्ची के साथ दरिंदगी करने की छूट दी थी।
बच्ची के फोटे किए शेयर
वहशीपन की ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पता चला कि एक होटल मैनेजर ने उस बच्ची के फोटे खींचकर शेयर किए। जिसके चलते कई लोगों ने उस बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था। इसी तरह से कई अन्य लोग भी इस गुनाह की कड़ी से जुड़ते गए। बच्ची का जीवन नर्क बनाते गए। बच्ची तड़पती रही लेकिन किसी ने उस पर दया नहीं की। उधर, परिवार अपनी बेटी को ढूंढने में लगा था। गुमशूदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू की और 22 जून को 'होटल जॉय इन' से बच्ची को बरामद किया।
मानव तस्करी, 12 गिरफ्तार
इसके बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हुई। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी तो यह मामला कथित तौर पर संगठित अपराध और मानव तस्करी के एंगल तक पहुंच गया। पुलिस के मुताबिक, बच्ची की तस्वीरों के जरिए कई अहम सुराग जांच करने वाली टीम के हाथ लगे। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में ई-रिक्शा चालक रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, होटल मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन सहित कई अन्य आरोपी शामिल हैं। इसके अलावा दीपक और तरुण नामक 2 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
अवैध होटल कारोबार
श्रीगंगानगर के SP हरिशंकर यादव की निगरानी में अब विशेषज्ञों की टीम चारों होटलों के CCTV फुटेज की जांच कर रही है. पुलिस ने आरोपियों के भी जब्त कर लिए हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी घटना ने प्रदेश को ही नहीं देश को झकझोर दिया। इस घटना ने श्रीगंगानगर में फल-फूल रहे अवैध होटल कारोबार पर भी सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि जिले में 150 से ज्यादा होटल संचालित हैं, लेकिन उनमें से केवल करीब 40 के पास ही वैध लाइसेंस या पंजीकरण है।
जनाक्रोश, प्रदर्शन और बुलडोजर
इस मामले के सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बढ़ते जनाक्रोश और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए उन 4 होटलों पर बुलडोजर चलाया, जहां कथित तौर पर नाबालिग के साथ वारदात को अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ किया है कि इस अपराध में शामिल किसी भी आरोपी, होटल संचालक या सहयोगी को बख्शा नहीं जाएगा।