जम्मू की विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हा

पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सईद पर शिकंजा, जम्मू कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सईद पर शिकंजा, जम्मू कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद अब आतंक के सबसे बड़े चेहरों में शामिल लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर कानूनी शिकंजा और कसता नजर आ रहा है. जम्मू की विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अपील पर हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है. इसके साथ ही एजेंसी अब उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी. चूंकि पाकिस्तान के भारत को हाफिज सईद सौंपने की संभावना लगभग नहीं के बराबर है, इसलिए भारतीय कानून के तहत अब उसके खिलाफ ‘ट्रायल इन एब्सेंटिया’ यानी आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की तैयारी की जा रही है.

मिली जानकारी के अनुसार NIA ने 6 जुलाई को दाखिल अपनी पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद को पहलगाम हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है. इसी चार्जशीट के आधार पर एजेंसी ने अदालत से खुली तारीख वाला गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी. अदालत ने 8 जुलाई को अपने आदेश में कहा कि ‘हाफिज सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए आवश्यक है.’ अब इस वारंट को औपचारिक माध्यमों से पाकिस्तान भेजा जाएगा. यदि पाकिस्तान सहयोग नहीं करता है तो भारतीय कानून के अनुसार उसके खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जाएगा.

NIA ने बताया पाक से रची गई थी साजिश

NIA की जांच में सामने आया है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुआ आतंकी हमला पूरी तरह पाकिस्तान में बैठकर तैयार किया गया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 हिंदू पर्यटक शामिल थे. जांच एजेंसी के अनुसार यह हमला धर्म के आधार पर चुनकर की गई हत्या (Religion-based Targeted Killings) का मामला था.

NIA ने अपनी पहली चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी के नाम शामिल किए थे. बाद में ये तीनों ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए. इसके अलावा टीआरएफ कमांडर साजिद सैफुल्लाह जट्ट, दो स्थानीय सहयोगियों और लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को भी आरोपी बनाया गया था.

सईद पहले भी कई मामलों में आरोपी 

हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकी है. वह 26/11 मुंबई हमले समेत भारत में कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है. उसके खिलाफ भारत में पहले भी कई चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं, लेकिन वह कभी भारतीय अदालत के सामने पेश नहीं हुआ. यही वजह है कि अब नए कानून के तहत उसके खिलाफ मुकदमे को आगे बढ़ाया जाएगा.

जांच में मिले पाकिस्तान से जुड़े अहम सबूत

NIA की जांच में बरामद मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा से यह भी सामने आया कि आतंकियों को पाकिस्तान से लगातार निर्देश मिल रहे थे. जांच एजेंसी के मुताबिक टीआरएफ कमांडर साजिद जट्ट ने आतंकियों को बैसरन मैदान के सटीक लोकेशन भेजे थे. बरामद दोनों मोबाइल फोन पाकिस्तान में खरीदे गए थे. जांच में यह भी पता चला कि हमले से पहले आतंकी घटनास्थल के बाहर बैठकर खाना खा रहे थे और हमला करने के बाद जश्न में फायरिंग भी की थी.