गाड़ी का बीमा नहीं तो मिलेगा पेट्रोल... सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
अगर आपकी गाड़ी का बीमा नहीं है तो आपको पेट्रोल पंप से बिना तेल लिए लौटना पड़ेगा। गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने काफी कड़ा रुख अपनाया। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने बिना बीमा के सड़कों पर चल रहे वाहनों को लेकर कड़ी टिप्पणी की।
बिना बीमा वाले वाहनों को फ्यूल
कोर्ट ने सुझाव दिया है कि बिना बीमा वाले वाहनों को फ्यूल न दिया जाए। कोर्ट ने इसके लिए बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) को पेट्रोल पंपों पर बीमा जांच के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का आदेश दिए है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही नई गाड़ियों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की समय सीमा भी बढ़ा दी।
थर्ड पार्टी बीमा की समय सीमा बढ़ाई
अदालत ने कहा है कि बीमा की चेकिंग के लिए हाईवे और सड़कों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों को बीमा डेटाबेस और VAHAN पोर्टल से जोड़ा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने IRDAI को इस संबंध में तुरंत जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। अब नई कारों के लिए थर्ड पार्टी बीमा 3 साल की जगह 4 साल और नए दोपहिया वाहनों के लिए 5 साल की जगह 6 साल का लेना जरूरी होगा। अदालत ने कहा कि साल 2018 में दिए गए निर्देश के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन बिना बीमा के सड़कों पर चल रहे हैं।
लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाव
ऐसे में सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों के हित को देखते हुए बीमा अवधि में एक साल की वृद्धि बेहद जरूरी है। अदालत ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 146 के तहत अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा का उद्देश्य केवल दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाना नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे वक्त तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से बचाना भी है।