मुंबई के लग्जरी होटल में देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़, दो फिल्म अभिनेत्रियों को किया गया रेस्क्यू
दक्षिण मुंबई के गिरगांव इलाके में स्थित एक लग्जरी होटल में चल रहे कथित देह व्यापार रैकेट का शुक्रवार को मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फिल्म जगत से जुड़ी दो महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि रैकेट के संचालन में कथित रूप से शामिल एक मेकअप आर्टिस्ट को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
गुप्त सूचना के बाद रची गई छापेमारी की रणनीति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल (AHTC) को गिरगांव के एक होटल में कथित देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने पहले एक डिकॉय ग्राहक को होटल भेजा। प्रारंभिक पुष्टि होने के बाद टीम ने होटल में छापा मारकर कार्रवाई की।
दो महिलाओं को रेस्क्यू किया गया
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो महिलाओं को वहां से सुरक्षित निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से एक महिला मराठी फिल्म उद्योग से जुड़ी अभिनेत्री है, जबकि दूसरी हिंदी और बंगाली फिल्मों में कैमियो तथा सहायक भूमिकाओं में काम कर चुकी है। दोनों महिलाओं को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। पुलिस ने उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
मेकअप आर्टिस्ट पर दलाल की भूमिका निभाने का आरोप
जांच एजेंसियों ने एक मेकअप आर्टिस्ट को गिरफ्तार किया है, जिस पर कथित तौर पर ग्राहकों और महिलाओं के बीच संपर्क स्थापित करने तथा रैकेट के संचालन में एजेंट की भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस उसके मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
होटल प्रबंधन और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह कथित रैकेट कब से संचालित हो रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और होटल प्रबंधन की इसमें कोई भूमिका थी या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
मुंबई पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में जुटाए जा रहे डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।