बारिश बनी आफत! कहीं वाटरफॉल में फंसे 100 पर्यटक, तो कहीं नदी में समा गए पूरे के पूरे घर!
देशभर में मानसून अब रौद्र रूप दिखाने लगा है। महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार और दिल्ली समेत कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं सैकड़ों पर्यटक फंस गए, तो कहीं बाढ़ और कटाव से लोगों के घर नदी में समा गए।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित जेनिथ वाटरफॉल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक पानी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। वाटरफॉल के आसपास मौजूद करीब 100 पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा और रस्सियों की मदद से सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते किए गए रेस्क्यू अभियान से बड़ा हादसा टल गया।
20 कारें पानी में डूब गईं
वहीं, पालघर जिले के वसई-नालासोपारा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण सड़कें तालाब में बदल गईं। जलभराव इतना अधिक था कि करीब 20 कारें पानी में डूब गईं। दूसरी ओर मुंबई में तेज बारिश और तेज हवाओं के चलते 64 पेड़ गिर गए और आठ मकानों की दीवारें ढह गईं। अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाओं में दो लोगों की मौत भी हो गई।
दिल्ली-एनसीआर में भी रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित रहा।
गुजरात के जूनागढ़ में भारी बारिश के बाद कई क्षेत्रों में चार फीट तक पानी भर गया। हालात ऐसे हो गए कि सड़कों पर नाव चलानी पड़ी। भावनगर में तेज बहाव के कारण एक कार पानी में बह गई।उधर बिहार के खगड़िया जिले में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से कटाव तेज हो गया। शिशवा गांव में छह घर नदी में समा गए, जबकि कई अन्य मकान भी खतरे के मुहाने पर हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए रखी है।
आसपास जाने से बचने की अपील की
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने कई राज्यों में लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जलभराव एवं नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।