नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों की जल्द सुनवाई

पेपर लीक पर मोदी का बड़ा ऐलान, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई; राहुल बोले- शिक्षा व्यवस्था बर्बाद करने के जिम्मेदार आ

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

 

राहुल गांधी का पलटवार

प्रधानमंत्री के बयान पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान आपने ही पहुंचाया है। आपने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद होने दिया और इसके जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दिया।" राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में पूरी तरह विफल रही है।

प्रदर्शन के बीच आया ऐलान

प्रधानमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 34 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 26 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

पहली बार पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट

अब तक पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिसके कारण फैसले आने में कई साल लग जाते थे। सरकार का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा होगा और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड बेहतर

केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रेप और पॉक्सो (POCSO) मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 के बीच 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों का निपटान दर 96.28 प्रतिशत रही है। हालांकि नए मामलों के लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से अधिक मामले लंबित थे।